'श्रीलंका से कच्चातिवु द्वीप को 99 साल के पट्टे पर ले भारत, मछुआरों को मिले राहत', विजय की दो टूक
PM Modi Sri Lanka Visit: तमिलनाडु के मछुआरों के मुद्दे को लेकर अभिनेता से नेता बने विजय ने एक बार फिर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की है कि श्रीलंका से कच्चातिवु द्वीप (Katchatheevu) को 99 साल के पट्टे पर लिया जाए, ताकि तमिलनाडु के मछुआरों को राहत मिल सके।
विजय का कहना है कि मछुआरों की परेशानियों का असली और स्थायी समाधान यही है कि भारत कच्चातिवु को वापस ले। लेकिन, जब तक ऐसा नहीं होता, तब तक इसे पट्टे पर लेकर भारतीय मछुआरों को वहां स्वतंत्रता दी जानी चाहिए।

विजय ने DMK को घेरा
विजय ने इस मामले पर केंद्र और राज्य दोनों सरकारों की आलोचना की। उन्होंने डीएमके पर आरोप लगाया कि 1974 में सत्ता की भूख में इस द्वीप को श्रीलंका को सौंप दिया गया। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जब 1999 से 2014 तक डीएमके केंद्र में सत्ता में थी, तब इस मुद्दे की कोई परवाह नहीं की गई।
हाल ही में तमिलनाडु विधानसभा में कच्चातिवु को वापस लेने का जो प्रस्ताव पारित हुआ, उसे विजय ने "नाटक और दिखावा" करार दिया और कहा कि इसका मकसद 2026 के चुनावों के लिए राजनीतिक फायदा उठाना है। उन्होंने केंद्र सरकार को भी निशाने पर लेते हुए कहा कि जब बात मछुआरों की सुरक्षा की आती है तो गुजरात के मछुआरों को बचाया जाता है, लेकिन तमिलनाडु के मछुआरों को नजरअंदाज कर दिया जाता है।
पीएम मोदी को याद दिलाई मछुआरों की पीड़ा!
विजय ने प्रधानमंत्री मोदी को याद दिलाया कि वह "संघीय प्रधानमंत्री" हैं और उन्हें तमिलनाडु के मछुआरों की पीड़ा को भी उतनी ही गंभीरता से लेना चाहिए जितनी देश के बाकी हिस्सों की।
उनका यह बयान उस समय आया है जब मोदी श्रीलंका के दौरे पर हैं। विजय ने उम्मीद जताई कि इस दौरे में मोदी कच्चातिवु को लेकर कोई ठोस कदम उठाएंगे और यह बातचीत श्रीलंकाई तमिलों और भारतीय मछुआरों दोनों के लिए फायदेमंद होगी। कुल मिलाकर, विजय का बयान तमिल राजनीति और केंद्र-राज्य संबंधों में एक नया मोड़ ला सकता है, खासकर मछुआरों की सुरक्षा और अधिकारों को लेकर।












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