'बोडो शांति समझौते से 50 वर्ष की हिंसा का दौर खत्म', बोडोलैंड महोत्सव पर बोले PM मोदी
Bodoland Festival 2024: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश में पहली बार मनाए जा रहे बोडोलैंड महोत्सव (Bodoland Festival 2024) पर देशवासियों को बधाई दी। उन्होंने दिल्ली में वोडोलैंड दिवस पर आयोजित एक कार्यक्रम में पांच दशक पहले बोडो बाहुल्य इलाको में हिंसा और बोडो जनजाति की वर्षों पुरानी मांग की उपेक्षा का जिक्र किया। पीएम मोदी ने बोडो शांति समझौते का जिक्र करते हुए जिस क्षेत्र में 50 वर्ष पहले से सिर्फ हिंसा का ही सिलसिला जारी था, वहां आज शांति और सौहार्द की मजबूत नींव पड़ी है।
बोडोलैंड दिवस पर पीएम मोदी ने बोडो जनजाति द्वारा शांति समझौते पर आगे बढ़ने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने मंच से कहा कि कि बोडो शांति समझौते से सिर्फ आपको ही फायदा नहीं हुआ है, इसने कई और शांति समझौतों के लिए नए रास्ते खोले हैं। अगर यह सिर्फ कागजों पर ही रहता तो दूसरों को मुझ पर भरोसा नहीं होता। लेकिन, आपने जीवन में इस समझौते को आत्मसात किया है।"

वहीं पीएम ने बोडोलैंड के विकास का जिक्र करते हुए कहा, "पिछले चार वर्षों में बोडोलैंड का विकास बहुत महत्वपूर्ण रहा है. शांति समझौते पर हस्ताक्षर के बाद बोडोलैंड में विकास की लहर देखी गई है। शांति समझौते का सकारात्मक और उत्साहजनक परिणाम देखकर मैं बहुत संतुष्ट महसूस कर रहा हूं।"
पीएम मोदी ने कहा, "आज का अवसर मेरे लिए बहुत भावुक है। 50 साल का खून-खराबा, 50 साल की हिंसा और इस हिंसा में युवाओं की 3-4 पीढ़ियां भस्म हो गईं। इतने दशकों के बाद बोडो त्योहार मना रहा है। आज वर्ष 2020 में, बोडो शांति समझौते के बाद, मुझे कोकराझार आने का अवसर मिला, जो प्यार और स्नेह आपने मुझे दिया, उसमें मुझे अपनापन दिखा।"
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कहना है, ''केंद्र सरकार ने बोडोलैंड के विकास के लिए 1,500 करोड़ रुपये का विशेष पैकेज दिया है. असम सरकार ने भी विशेष विकास पैकेज दिया है. शिक्षा से जुड़े बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 700 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए हैं.'' बोडोलैंड में स्वास्थ्य और संस्कृति।"












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