TV पर एक छोटी सी खबर देखकर पीएम मोदी ने लॉन्च कर दी 1.7 लाख करोड़ की योजना

नई दिल्ली: देश में कोरोना का संक्रमण तेजी से बढ़ता जा रहा है। जिस वजह से अब संक्रमित मरीजों की संख्या 3.90 लाख के पार पहुंच चुकी है। इस बीच लॉकडाउन से प्रभावित प्रवासी मजदूरों के लिए पीएम मोदी ने गरीब कल्याण रोजगार अभियान की शुरूआत की, जिसका बजट 1.7 लाख करोड़ है। इस योजना के तहत देश के 6 राज्यों के 116 जिलों में प्रवासी मजदूरों को रोजगार मिलेगा। कार्यक्रम में पीएम मोदी ने ग्रामीण क्षेत्र के लोगों की कोरोना महामारी से लड़ाई में अहम भूमिका बताई। साथ ही उनकी जमकर तारीफ की।

उन्नाव की खबर से आया आइडिया

उन्नाव की खबर से आया आइडिया

पीएम मोदी ने कहा कि मैंने मीडिया में उन्नाव जिले की एक खबर देखी थी, जिसमें एक क्वारंटाइन सेंटर में क्वारंटाइन हुए श्रमिकों ने अपने कौशल का इस्तेमाल करते हुए रंगाई-पुताई कर उस स्कूल का हुलिया बदल दिया। उससे मुझे आइडिया मिला, वहीं से इस योजना (गरीब कल्याण रोजगार अभियान) का जन्म हुआ। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत पैकेज में किसानों की फसल रखने के लिए कोल्ड स्टोरेज बनें, किसानों को सीधे बाजार से जोड़ा जाए, इसके लिए भी 1 लाख करोड़ के निवेश की घोषणा की गई है। जब किसान बाजार से जुड़ेगा, तो फसल को ज्यादा दामों पर बेचने के रास्ते भी खुलेंगे।

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    'गांवों ने किया अच्छा काम'

    'गांवों ने किया अच्छा काम'

    पीएम मोदी ने कहा कि 6 लाख से ज्यादा गांवों वाला देश भारत, जहां की दो तिहाई से ज्यादा आबादी यानी 80-85 करोड़ लोग गांवों में रहते हैं। उस ग्रामीण भारत ने कोरोना संक्रमण को बड़े प्रभावी तरीके से रोका है। ये जनसंख्या यूरोप के सारे देशों को मिला दें तो भी उससे ज्यादा है। उन्होंने कहा कि ग्राउंड पर काम करने वाले हमारे साथी, ग्राम प्रधान, आंगनबाड़ी वर्कर, आशा वर्कर्स ने बहुत बेहतरीन काम किया है। ये सभी वाहवाही के पात्र हैं। कोई आपकी पीठ थपथपाए या न थपथपाए, पर मैं आपका जय जयकार करता रहूंगा। मैं ऐसे ग्राम सेवकों को आदरपूर्वक नमन करता हूं।

    क्या है योजना का लाभ?

    क्या है योजना का लाभ?

    प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत 1.7 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज का ऐलान किया गया था। जिसके तहत 6 राज्यों के 116 जिलों में 125 दिनों का ये अभियान प्रवासी श्रमिकों की मदद करेगा। इसका उद्देश्य कोरोना संकटकाल में ग्रामीण भारत में रोजगार बनाए रखना है। 1.7 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज को दो हिस्सों में बांटा गया है। जिसमें प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत 80 करोड़ रुपये गरीबों और दिहाड़ी मजदूरों को दिए जाएंगे। वहीं प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत गरीबों को तीन महीने तक मुफ्त राशन दिया जाएगा। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्र में मनरेगा के तहत काम करने वालों को अब 182 रुपये के बदले 202 रुपये मिलेंगे, इससे उनकी आय में 2000 रुपये की बढ़ोतरी होगी। इस योजना के तहत तीन करोड़ गरीब वृद्धों, गरीब विधवाओं और गरीब दिव्यांगों को एक-एक हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने का ऐलान किया गया है।

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