Indus Water Treaty: 'भारत के हक का पानी अब बाहर नहीं जाएगा'– सिंधु संधि पर PM मोदी की दो टूक
PM Modi on Indus Water Treaty: पानी भारत का हक है, वो भी पहले पाकिस्तान जा रहा था? अब ऐसा नहीं होगा! प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साफ कर दिया है कि अब भारत का पानी, भारत में ही रुकेगा और हमारे ही देश के काम आएगा। पीएम ने एक न्यूज प्रोग्राम पर कहा कि अब भारत अपने हक के पानी को रोककर अपने ही विकास में इस्तेमाल करेगा। उनका ये बयान पाकिस्तान के साथ दशकों पुरानी सिंधु जल संधि के निलंबन के बाद आया है।
प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि कैसे पिछली सरकारों ने ऐसे कई फैसलों को सिर्फ इसलिए टाल दिया क्योंकि उन्हें अंतरराष्ट्रीय छवि या वोट बैंक की चिंता थी। इसका सीधा मतलब है कि मोदी सरकार अब ऐसे मुद्दों पर सख्ती से निर्णय लेने के पक्ष में है, जहां देश के संसाधनों की बात हो, चाहे वो पानी हो या सुरक्षा।

भारत का बैंकिंग सिस्टम अब दुनिया का सबसे मजबूत सिस्टम
इस बयान के साथ प्रधानमंत्री ने ये भी बताया कि कैसे उनकी सरकार ने पिछले 10 वर्षों में ऐसे कई ऐतिहासिक फैसले लिए हैं, जो दशकों से सिर्फ फाइलों में अटके हुए थे। चाहे वो बैंकिंग सेक्टर में सुधार हो या गरीबों तक सीधा लाभ पहुंचाने की व्यवस्था - मोदी सरकार ने हर मोर्चे पर बड़ी पहल की है। उन्होंने बताया कि 2014 से पहले बैंकिंग सेक्टर तबाही की कगार पर था, लेकिन अब भारत का बैंकिंग सिस्टम दुनिया के सबसे मजबूत सिस्टम्स में गिना जाता है। साथ ही उन्होंने डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) का जिक्र करते हुए कहा कि अब सरकार की योजनाओं का पैसा सीधे लाभार्थियों तक पहुँचता है, कोई बिचौलिया बीच में नहीं है।
सिंधु जल संधि क्या है?
1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच एक समझौता हुआ था, जिसे सिंधु जल संधि कहा जाता है। इसमें तय हुआ था कि सिंधु नदी और उसकी कुछ सहायक नदियों के पानी का बंटवारा कैसे होगा। इस समझौते की देखरेख विश्व बैंक ने की थी।
अब सरकार ने क्या फैसला लिया?
22 अप्रैल को पहुलगाम में हुए आतंकी हमले, जिसमें 26 लोगों की जान गई, उसके बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया। ऐसे में भारत ने पाकिस्तान को सख्त संदेश देने के लिए इस संधि को निलंबित कर दिया है। अब भारत अपने हिस्से के पानी को पाकिस्तान नहीं भेजेगा।
पीएम मोदी ने क्या कहा?
प्रधानमंत्री मोदी ने एक न्यूज प्रोग्राम में कहा- 'पहले भारत के हक का पानी भी बाहर जा रहा था... अब भारत का पानी, भारत के हक में बहेगा, भारत के हक में रुकेगा और भारत के ही काम आएगा।'
क्यों है ये फैसला खास?
पहली बार भारत ने इस संधि को आधिकारिक रूप से रोका है। यह दिखाता है कि भारत अब सख्त कदम उठाने में पीछे नहीं हटेगा। इससे पाकिस्तान पर दबाव बढ़ेगा कि वह आतंकवाद को समर्थन देना बंद करे।
पहले क्यों नहीं हुआ ऐसा?
पीएम मोदी ने कहा कि पहले की सरकारें सिर्फ वोट और छवि के बारे में सोचती थीं। वे डरते थे कि 'दुनिया क्या कहेगी'। लेकिन अब सरकार राष्ट्रहित को सबसे पहले रख रही है और जरूरी फैसले तुरंत ले रही है।
भारत को क्या होगा फायदा?
अब भारत अपने हिस्से का पानी खेती और घरेलू कामों में इस्तेमाल कर सकेगा। जम्मू-कश्मीर और पंजाब जैसे राज्यों को ज्यादा पानी मिलेगा। पाकिस्तान को साफ संदेश जाएगा कि अब भारत कोई ढील नहीं देगा।












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