नए IPS अधिकारियों को PM मोदी की सलाह- ड्यूटी ज्वाइन करते ही ना बनें 'सिंघम'
नई दिल्ली: सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी में आज दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी वीडियो कॉफ्रेंसिंग के जरिए इसमें हिस्सा लिया। साथ ही कार्यक्रम के दौरान IPS प्रोबेशनर्स के साथ बातचीत और उनके ट्रेनिंग से जुड़े कई बिंदुओं पर चर्चा की। भारतीय पुलिस सेवा के 131 प्रशिक्षु इस दीक्षांत समारोह में शामिल थे। जिसमें 28 महिलाएं भी हैं।
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पीएम मोदी ने IPS प्रोबेशनर्स को संबोधित करते हुए कहा कि आज की जिंदगी में सभी कामों में हर किसी को तनाव रहता है। ये जीवन का हिस्सा है लेकिन ये ऐसी चीज नहीं, जिसे मैनेज न किया जा सके। अगर हम साइंटिफिक तरीके से अपने व्यक्तित्व को, अपनी क्षमताओं और अपनी जिम्मेदारियों को संतुलित तरीके से व्यवस्थित करें तो इसे आसानी से मैनेज कर सकते हैं। पीएम मोदी ने कहा कि जब भी आप किसी थाने या ऑफिस की जिम्मेदारी संभालें, तो वहां एक कभी-कभी किसी बुद्धजीवी को बुलाएं, जैसे की एक अच्छा टीचर। वो जिंदगी से जुड़ी तमाम अच्छी चीजें बताएंगे, इससे तनाव कम होगा।
इस दौरान पीएम मोदी ने सभी नए अधिकारियों को एक सलाह दी। उन्होंने कहा कि कुछ अधिकारी चाहते हैं कि ड्यूटी ज्वाइन करते ही लोगों को डरा दूं, अपराधियों को मुझे देखकर पसीने छूटे। ये सब फिल्मों में होता है, आप लोग जाते ही सिंघम न बनिए। सिंघम बनने से कई जरूरी काम छूट जाते हैं। पीएम मोदी ने कहा कि आप एक बार जनसामान्य के दिलों को जीत लेंगे तो उनका नजरिया अपने आप बदल जाएगा।
एक कैडेट से बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि मौजूदा वक्त में खाकी का नाम लेते ही बस एक बात सबके मन में आती है, वो है डंडा, लेकिन ऐसा नहीं है। पुलिसवाले भी मानवता के लिए काम करते हैं। हर थाने में रोजाना 4-5 काम ऐसे होते ही होंगे, जो लोगों का भला करते हैं। पीएम मोदी ने कोरोनाकाल में पुलिसकर्मियों के योगदान की जमकर सराहना की। पीएम मोदी ने कहा कि हमें कोरोना महामारी के दौरान पुलिस द्वारा किए गए कार्यों को नोट करके रखना चाहिए, ताकी भविष्य में भी लोग उसे जान सकें।












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