Kartavya Bhavan: प्रधानमंत्री मोदी ने किया कर्तव्य भवन-3 का उद्घाटन, जानिए कौन-कौन से मंत्रालय होंगे शिफ्ट?
Kartavya Bhavan inauguration: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 6 अगस्त को देश की प्रशासनिक संरचना में ऐतिहासिक बदलाव की दिशा में कदम बढ़ाते हुए कर्तव्य भवन-3 का उद्घाटन किया। यह इमारत सेंट्रल विस्टा परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसका उद्देश्य केंद्र सरकार के कामकाज को अधिक सुव्यवस्थित, आधुनिक और तकनीक-संचालित बनाना है। गृह मंत्रालय समेत कई अहम मंत्रालय अब इसी भवन से संचालित होंगे, जिससे शासन व्यवस्था में गति, पारदर्शिता और समन्वय बढ़ेगा।
दिल्ली के कर्तव्य पथ पर स्थित यह अत्याधुनिक भवन न सिर्फ अपनी आर्किटेक्चरल भव्यता के लिए चर्चा में है, बल्कि पर्यावरण अनुकूल निर्माण, ऊर्जा दक्षता और स्मार्ट तकनीकों के इस्तेमाल के लिहाज से भी एक मिसाल है। आइए जानते हैं कि इस नए पावर सेंटर में कौन-कौन से मंत्रालय स्थानांतरित हो रहे हैं, और इसका देश की प्रशासनिक व्यवस्था पर क्या असर पड़ेगा।

कौन-कौन से मंत्रालय होंगे शिफ्ट?
- गृह मंत्रालय
- विदेश मंत्रालय
- ग्रामीण विकास मंत्रालय
- सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME)
- कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन विभाग (DoPT)
- पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय
- प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार का कार्यालय
कर्तव्य भवन-3 की खासियतें
- इमारत 1.5 लाख वर्ग मीटर क्षेत्र में फैली है
- इसमें 10 मंजिलें हैं (2 बेसमेंट, ग्राउंड और 7 फ्लोर)
- 600 गाड़ियों के लिए पार्किंग स्पेस
- 24 बड़े और 26 छोटे कॉन्फ्रेंस रूम
- स्मार्ट एंट्री, आईटी-सक्षम कार्यस्थल, ई-चार्जिंग स्टेशन, सोलर पैनल, सौर जल-गर्मक प्रणाली, अपशिष्ट जल पुनर्चक्रण, और कचरा प्रबंधन प्रणाली जैसी सुविधाएं
- ऊर्जा दक्षता के लिए खास ग्लास विंडो, एलईडी लाइटें, स्मार्ट लिफ्ट और ऑटोमैटिक सेंसर
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क्यों पड़ी नए भवन की जरूरत?
शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बताया कि वर्तमान मंत्रालयों के भवन 1950-70 के दशक में बने थे और अब जर्जर अवस्था में पहुंच चुके हैं। इनका रख-रखाव खर्चीला हो गया था। इसलिए सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत 10 नए आधुनिक कर्तव्य भवन बनाए जा रहे हैं, जिनमें से कर्तव्य भवन-1 और 2 अगले महीने तक बनकर तैयार हो जाएंगे, जबकि शेष सात भवन अप्रैल 2027 तक पूरे कर लिए जाएंगे।
नॉर्थ और साउथ ब्लॉक का क्या होगा?
जैसे-जैसे मंत्रालय नए कर्तव्य भवनों में शिफ्ट होंगे, नॉर्थ और साउथ ब्लॉक को खाली कराया जाएगा। इन्हें म्यूजियम में बदला जाएगा, जिसका नाम 'युगे युगीन भारत' संग्रहालय होगा। इस म्यूजियम में भारत की सभ्यता, इतिहास, कला और संस्कृति की झलक दी जाएगी, वो भी बिना इन ऐतिहासिक भवनों की बनावट को बदले।
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