पीएम मोदी ने चक्रवाती तूफान 'जवाद' को लेकर की बैठक, 4 दिसंबर को ओडिशा-आंध्र के तट से टकराने की संभावना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को चक्रवाती तूफान जवाद की स्थिति को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक की। मालूम हो कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर चक्रवाती तूफान जवाद के बनने को लेकर अलर्ट के बीच यह बैठक हुई।
नई दिल्ली, 2 दिसंबर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को चक्रवाती तूफान जवाद की स्थिति को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक की। मालूम हो कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर चक्रवाती तूफान जवाद के बनने को लेकर अलर्ट के बीच यह बैठक हुई।

अधिकारियों को दिए अलर्ट पर रहने के निर्देश
इस बैठक में पीएम मोदी ने सभी अधिकारियों को अलर्ट पर रहने और लोगों की सुरक्षित निकासी सुनिश्चित करने के लिए सभी उपाय करने का निर्देश दिया। उन्होंने अधिकारियों को सभी आवश्यक सेवाओं के रखरखाव को सुनिश्चित करने और किसी भी व्यवधान की स्थिति में उनकी तुरंत बहाली करने का भी निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि चक्रवात का मुकाबला करने के लिए सभी संबंधित मंत्रालय और एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं।
IMD ने जवाद को लेकर जारी किया अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने चक्रवात जवाद को लेकर अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने कहा कि यह साइक्लोन 4 दिसंबर की सुबह आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तट पर पहुंच सकता है।
यह भी पढ़ें: किरण मजूमदार ने कोरोना की नई गाइडलाइंस पर उठाए सवाल, कहा- क्यों लागू किए जा रहे हैं फालतू नियम?
जवाद के कारण 95 ट्रेनें रद्द
इससे पहले जवाद तूफान के चलते रेलवे ने 95 ट्रेनों को रद्द कर दिया। वहीं, कैबिनेट सचिव राजीव गौबा की अध्यक्षता वाली राष्ट्रीय संकट प्रबंधन समिति ने बुधवार को बंगाल की खाड़ी में उठने वाले इस चक्रवात से निपटने के लिए तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक की। इस चक्रवात के आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तट से टकराने की आशंका है। इस देखते हुए मौसम विभाग ने ओडिशा के गजपति, गंजम, पुरी और जगतसिंहपुर जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं केंद्रपाड़ा, कटक, खुर्दा, नयागढ़, कंधमाल, रायगड़ा और कोरापुट जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
Recommended Video
सरकार बना रही लोगों को तटों से हटाने की योजना
मौसम विभाग की भविष्यवाणी के बाद ओडिशा ने संबंधित अधिकारियों को तटीय इलाकों से लोगों को हटाने को कहा है। इसके अलावा एनडीआरएफ, ओडीआरएफ और अग्निशमन विभाग से अलर्ट रहने को कहा गया है।
वहीं ओडिशा के मुख्य सचिव एस सी महापात्र ने कहा कि त्वरित कार्रवाई के लिए मेडिकल टीमों और एंबुलेंस को तैयार रखा गया है। निकासी के दौरान गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को प्राथमिकता दी जाएगी।
मछुआरों को दिए गए किनारों से दूर रहने के निर्देश
वहीं, राज्य के राहत आयुक्त पीके जेना ने कहा कि मछुआरों को 2 व 3 दिसंबर को दक्षिण-पूर्व और उससे सटे पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी में न जाने के लिए कहा गया है। वहीं पोर्ट, शिपिंग और जलमार्ग मंत्रालय ने सभी शिपिंग जहाजों को को सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया है और आपातकालीन जहाजों को तैनात किया गया है।












Click it and Unblock the Notifications