पीएम मोदी ने कर दिया इशारा, इन मंत्रियों की राज्यसभा वाली पारी खत्म! लोकसभा का चुनाव जीतकर आएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को राज्यसभा में ऊपरी सदन से रिटायर हो रहे सांसदों के विदाई भाषण में जो कुछ कहा है, उससे कई महीनों से बीजेपी में चल रही अटकलों पर मुहर लग गई है। पीएम मोदी का संदेश साफ है कि राज्यसभा से रिटायर हो रहे कुछ मंत्रियों को अबकी बार लोकसभा में भाग्य आजमाना चाहिए।
पीएम मोदी के भाषण की दो बातें इसकी ओर इशारा कर रही हैं। पहले उन्होंने कहा, '...कुछ लोग जा रहे हैं....हो सकता है कुछ लोग आने के लिए जा रहे हों....और कुछ लोग जाने के लिए जा रहे हों....'

'जो जनसभा में जा रहे हैं...'
लेकिन, आगे की लाइन में उन्होंने अपने मन की बातों को कुछ और ज्यादा स्पष्ट करने की कोशिश की। उन्होंने अपनी दूसर बात जो इशारों में कहा, 'जो हमारे साथी नए दायित्व की ओर आगे बढ़ रहे हैं...इस सीमित विस्तार से एक बड़े विस्तार की तरफ जा रहे हैं...राज्यसभा से निकलकर के जनसभा में जा रहे हैं...'
जाहिर है कि पीएम मोदी ने यह लाइन बीजेपी के रिटायर हो रहे सांसदों की ओर इशारा करते हुए ही कही होगी। इसी के बाद भारतीय जनता पार्टी के अंदर भी यह गहमागहमी शुरू हो गई है कि कुछ रिटायर होने वाले सांसदों को या तो राज्यसभा में दोबारा लाया जा सकता है।
कुछ नेताओं को संगठन की भी सौंपी जा सकती है जिम्मेदारी
लेकिन कुछ को लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए भी कहा जा सकता है। वहीं पार्टी के कुछ राज्यसभा सांसदों को संगठन की जिम्मेदारी भी सौंपी जा सकती है।
भाजपा सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा की तो राज्यसभा में वापसी तय है, लेकिन इस बार वह हिमाचल प्रदेश की जगह किसी दूसरे राज्य से उच्च सदन में पहुंच सकते हैं।
इन मंत्रियों को लड़ना पड़ सकता है लोकसभा का चुनाव
लेकिन, सूत्रों का कहना है कि पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल जैसे केंद्रीय मंत्रियों को इस बार लोकसभा का चुनाव लड़ना पड़ सकता है।
इनके अलावा रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया और मत्स्य पालन मंत्री पुरुषोत्म रुपाला भी लोकसभा के चुनाव मैदान में उतर सकते हैं।
बीजेपी जिन केंद्रीय मंत्रियों को इस बार लोकसभा चुनाव लड़ने को कह सकती है, उनमें एमएसएमई मंत्री नारायण राणे और सूचना और प्रसारण राज्यमंत्री एल मुरुगन और विदेश राज्यमंत्री वी मुरलीधरन के अलावा इलेक्ट्रॉनिक्स और प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर भी शामिल हैं।
भाजपा के इन नेताओं को भी करना पड़ सकता है जनता का सामना
इनके अलावा भाजपा के कई और ऐसे सांसद जो राज्यसभा से रिटायर हो रहे हैं, उनकी लोकसभा का चुनाव लड़ने की संभावना बताई जा रही है। इनमें भाजपा के प्रमुख प्रवक्ता अनिल बलूनी, पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, सुधांशु त्रिवेदी, जीवीएल नरसिम्हा, हरनाथ सिंह यादव और सरोज पांडे जैसे नेता शामिल हो सकते हैं।
15 फरवरी तक तस्वीर होगी साफ
लेकिन, इसके साथ ही पीएम मोदी ने यह संभावना भी खुली रखी है कि पार्टी के जिन नेताओं को राज्यसभा में मौजूदगी जरूरी है, उनकी वापसी की भी गारंटी दी जाएगी।
लेकिन, इसके लिए 15 फरवरी तक का इंतजार करना होगा, जिस दिन 27 फरवरी को होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन की आखिरी तारीख है। माना जा रहा है, उससे एक-दो दिन पहले ही बीजेपी अपने उम्मीदवारों का नाम स्पष्ट कर सकती है।












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