GST: 'गैंबलर' मोदी ने खेला राजनीतिक करियर का सबसे बड़ा 'जुआ'
ऐसे में जब लोकसभा चुनाव होने में 20 महीने का वक्त बचा है, पीएम मोदी मे नोटबंदी के बाद से अपने राजनीतिक करियर का बड़ा जुआ खेला है।
नई दिल्ली। देश में जीएसटी लागू हो गया है और इसका असर बड़े व्यापार से लेकर घरेलू कारोबार पर पड़ा है। जीएसटी ने अगर देश की इकॉनमी को मजबूत किया तो पीएम मोदी की लोकप्रियता का ग्राफ और बढ़ेगा लेकिन जीएसटी के परिणाम सरकार के उम्मीद के मुताबिक नहीं हुए तो इसका खामियाजा मोदी सरकार और बीजेपी दोनों को उठानी पड़ेगी। सीधे तौर पर कहा जाय तो पीएम मोदी ने जीएसटी के रूप में अपने राजनीतिक करियर का सबसे बड़ा जुआ खेल दिया है।

जीएसटी हुआ फिट तो पीएम मोदी होंगे हिट
ऐसे में जब लोकसभा चुनाव होने में 20 महीने का वक्त बचा है, पीएम मोदी मे नोटबंदी के बाद से अपने राजनीतिक करियर का बड़ा जुआ खेला है। जीएसटी की कामयाबी का असर पार्टी और सरकार दोनों पर पड़ेगा। इसमे सबसे बड़ी बात ये है कि जीएसटी की सफलता और असफलता दोनों का क्रेडिट पीएम मोदी को सीधे तौर पर मिलेगा, जीएसटी देश की इकॉनमी में फिट हुआ तो पीएम मोदी हिट हो जाएंगे अगर जीएसटी से देश को उम्मीद के मुताबिक फायदा नहीं हुआ तो इसका असर 2019 में बीजेपी की परफॉरमेंस पर पड़ेगा।

जीएसटी को सफल बनाने पर पूरा जोर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जीएसटी को गुड एंड सिंपल टैक्स बताया है और नौकरशाहों को जीएसटी को सफल बनाने की कोशिश करने के निर्देश दिए हैं। पीएम मोदी ने अफसरों से कहा कि वे अपने संबंधित विभागों पर जीएसटी से पड़ने वाले असर का बारीकी से मुआयना वहींअधिकारियों का कहना है कि पीएम मोदी जीएसटी को कामयाब बनाने के लिए कमर कस चुके हैं। वह मुद्दे की बड़ी तस्वीर के अलावा इसकी बारीकियों को समझने के लिए लगातार ब्रीफिंग ले रहे हैं। नोटबंदी के वक्त भी उन्होंने ऐसे ही किया था। इकॉनमी को रफ्तार देने के लिए मोदी अब देश के सबसे बड़े टैक्स रिफॉर्म के सहारे हैं। साथ ही पीएम मोदी के मंत्री भी जीएसटी को सफल बनाने के लिए लगातार मेहनत कर रहे हैं।

कांग्रेस का राजनीतिक दांव
जीएसटी की सफलता और असफलता दोनों का असर 2019 के चुनावों पर पड़ेगा, इसी के मद्देनजर मोदी एंड कंपनी सबसे बड़े टैक्स रिफॉर्म को सफल बनाने में जुटी है तो वहीं कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों ने फिफ्टी - फिफ्टी का मैच खेल दिया है। कांग्रेस ने जीएसटी लॉन्च से दूरी बनाकर ये साफ कर दिया है कि अगर किसी वजह से जीएसटी के परिणाम अच्छे नहीं होते तो वो केंद्र सरकार की खिंचाई में कोई कोर कसर नहीं छोड़ेगी और इसका फायदा 2019 के चुनाव में उठाएगी।












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