वडोदरा में Ratan Tata को याद कर भावुक हुए PM Modi, कहा-'हमने देश के महान सपूत को खो दिया'
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वडोदरा गुजरात में सोमवार को टाटा एयरक्राफ्ट कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन किया। जिसमें स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ भी मौजूद थे। यह परियोजना भारत और स्पेन के बीच 56 सी-295 परिवहन विमानों के निर्माण के लिए साझेदारी की शुरुआत है। जो देश के विमानन क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम साबित होगा।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने स्वर्गीय रतन टाटा की याद में अपनी भावनाएं व्यक्त की। जिनका भारतीय उद्योग जगत में योगदान अतुलनीय था। उन्होंने कहा कि हाल ही में हमने देश के महान सपूत रतन टाटा जी को खो दिया। अगर वे आज हमारे बीच होते तो उन्हें बहुत खुशी होती। लेकिन उनकी आत्मा जहां भी होगी। वह निश्चित रूप से खुश होगी। इस समारोह के दौरान रतन टाटा की विरासत को श्रद्धांजलि दी गई और उनके योगदान को भारतीय औद्योगिक विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया गया।

टाटा समूह के लिए एक युग का अंत
हाल ही में 9 अक्टूबर को 86 साल की उम्र में मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में रतन टाटा का निधन हुआ। जो टाटा समूह के लिए एक युग के अंत का प्रतीक था। भारतीय उद्योग में उनके नेतृत्व और योगदान ने समूह को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उन्हें देश के दो सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार पद्म विभूषण (2008) और पद्म भूषण (2000) से सम्मानित किया गया। 28 दिसंबर 1937 को मुंबई में जन्मे टाटा ने टाटा समूह के विविध उपक्रमों में अपनी दूरदर्शिता और समर्पण से महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
भारत-स्पेन साझेदारी, विमान निर्माण में ऐतिहासिक कदम
स्पेन और भारत के बीच 56 सी-295 विमानों के निर्माण का यह सहयोग भारत की बढ़ती वैश्विक रणनीतिक साझेदारी का प्रमाण है। शुरूआत में 16 विमानों का निर्माण स्पेन में किया जाएगा। जबकि बाकी 40 विमानों का निर्माण टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड द्वारा भारत में किया जाएगा। यह पहल इसलिए भी महत्वपूर्ण है। क्योंकि यह पहली बार है। जब भारत में एक निजी कंपनी को सैन्य विमान बनाने की अनुमति दी गई है। टाटा एयरक्राफ्ट कॉम्प्लेक्स भारत की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है और यह देश का पहला निजी सैन्य विमान असेंबली लाइन है।
सी-295 विमान का भारतीय वायुसेना के लिए महत्व
सी-295 विमान भारतीय वायुसेना के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण हैं। जो सैनिकों, हथियारों और अन्य सामग्रियों को विभिन्न स्थानों पर ले जाने के लिए उपयुक्त हैं। इन विमानों की क्षमताओं से वायुसेना की कम वजन वाले परिवहन को कुशलतापूर्वक संभालने की क्षमता में सुधार होगा। प्रधानमंत्री मोदी ने वडोदरा में ट्रेन के डिब्बों के निर्माण के लिए अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान स्थापित कारखाने का भी उल्लेख किया और उम्मीद जताई कि टाटा एयरक्राफ्ट कॉम्प्लेक्स में बने विमान भविष्य में अन्य देशों को भी निर्यात किए जाएंगे।
एक नए अध्याय की शुरुआत
टाटा एयरक्राफ्ट कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन न केवल रतन टाटा की अद्वितीय विरासत का सम्मान है। बल्कि यह भारत के विमानन उद्योग में एक नए अध्याय की शुरुआत भी है। भारत और स्पेन के बीच सहयोग और टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड की भागीदारी के साथ भारत अपनी सैन्य क्षमताओं को बढ़ाने और वैश्विक मंच पर अपनी औद्योगिक उपस्थिति को मजबूत करने के लिए तैयार है।












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