PM Modi address Nation Highlights: 'विपक्ष ने हमारे प्रयास की भ्रूण हत्या की', पीएम मोदी का छलका दर्द
PM Modi address Nation Highlights: लोकसभा में महिला आरक्षण बिल विपल होने के एक दिन बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 18 अप्रैल (शनिवार) को रात राष्ट्र को संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने महिला आरक्षण से जुड़े मुद्दें पर अपनी बात रखते हुए विपक्ष को जमकर घेरा।
इस संबोधन में महिला आरक्षण बिल के पारित न होने का जिम्मेदार विपक्षी पार्टियों को ठहराते हुए आरोप लगाया कि विपक्षी पार्टियों ने अपने स्वार्थ के लिए ये बिल पारित नहीं होने दिया। उन्होंने कहा "बिल गिरा तो मुझे बहुत दुख हुआ। ये सब कुछ देश की नारी शक्ति देख रही है। इसके साथ ही पीएम मोदी ने चेतावनी दी कि, "नारी शक्ति अपना अपमान कभी नहीं भूलती है। विपक्ष ने जो पाप किया है उसका उसे सजा मिलेगी।"

"हमारा आत्मबल अजेय है, हमने अभी हार नहीं मानी है"
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीस मिनट तक राष्ट्र को संबोधित किया। जिसमें उन्होंने जोर देकर कहा, "हमारा आत्मबल अजेय है और हमारी सरकार ने अभी हार नहीं मानी है। मेरे लिए देश का हित सबसे ऊपर है, लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं जिनके लिए पार्टी का हित ही सब कुछ बन जाता है। जब दलहित, देशहित से बड़ा हो जाता है, तो इसका नुकसान नारी शक्ति और पूरे देश को उठाना पड़ता है-और इस बार भी ऐसा ही देखने को मिला।
"विपक्ष ने हमारे ईमानदारी भरे प्रयास की भ्रूण हत्या कर दी"
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा, "मुझे इस बात का खेद है कि विपक्षी पार्टियों ने हमारे ईमानदारी भरे प्रयास की भ्रूण हत्या कर दी है और महिला आरक्षण बिल का विरोध करके देश की नारी शक्ति की उड़ान को रोक दिया गया है और उनके सपनों को बेरहमी से कुचल दिया गया है।"
"मैं इसके लिए सभी माताओं-बहनों से क्षमाप्रार्थी हूं"
पीएम मोदी ने कहा, वे आज खास तौर पर देश की बहनों और बेटियों से संवाद करने आए हैं। पूरा देश देख रहा है कि किस तरह महिलाओं की प्रगति और उनके सपनों को झटका लगा है। सरकार के पूरे प्रयासों के बावजूद नारी शक्ति वंदन अधिनियम संसद में पारित नहीं हो सका। मैं इसके लिए सभी माताओं-बहनों से क्षमाप्रार्थी हूं"
"स्वार्थी राजनीति का नुकसान देश की नारी शक्ति को उठाना पड़ रहा"
पीएम मोदी ने कहा "कुछ लोग यह समझ नहीं पा रहे हैं कि 21वीं सदी की महिलाएं पूरी तरह जागरूक हैं और देश में हो रही हर बात पर उनकी पैनी नजर है। वे न सिर्फ इरादों को समझ रही हैं, बल्कि सच्चाई से भी भली-भांति परिचित हो चुकी हैं। ऐसे में महिला आरक्षण का विरोध करने वाले विपक्षी दलों ने बड़ी गलती की है, जिसका परिणाम उन्हें भुगतना पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि इन दलों ने संविधान निर्माताओं की भावनाओं का अपमान किया है। स्वार्थी राजनीति का नुकसान देश की नारी शक्ति को उठाना पड़ा है।"
"टीएमसी, डीएमके, कांग्रेस महिला विरोधी"
पीएम मोदी बोले- "कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी और सपा जैसी परिवारवादी पार्टियां महिला आरक्षण बिल के लोकसभा में पास ना होने पर खुश नजर आ रही थीं। जब महिलाओं के अधिकार प्रभावित हो रहे थे, तब ये दल तालियां बजाकर जश्न मना रहे थे। यह सिर्फ मेज थपथपाना नहीं था, बल्कि नारी के स्वाभिमान और आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाने जैसा था।"
लोकसभा में पारित नहीं हुआ महिला आरक्षण बिल
याद रहे संविधान (131वां संशोधन) विधेयक का मुख्य उद्देश्य संसद और राज्यों की विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण लागू करना था। यह विधेयक लोकसभा सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 850 करने और 2011 की जनगणना के आधार पर सीटों का परिसीमन करने का भी प्रस्ताव करता था लेकिन निचले सदन में आवश्यक दो-तिहाई बहुमत हासिल करने में सफल नहीं हो सका। सदन में हुए मतदान में 298 सांसदों ने इस बिल के पक्ष में वोट किया, जबकि 230 सांसदों ने इसके विरोध में मतदान किया। इस परिणाम के बाद से महिला आरक्षण के मुद्दे पर जारी सियासी घमासान और तेज हो गया है।














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