'आज का भारत आने वाले 1000 साल का आधार तैयार कर रहा', गुजरात में बोले पीएम मोदी, बताया आगे का प्लान
PM Narendra Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात दौरे पर हैं, जहां सोमवार (19 सितंबर) को महात्मा मंदिर गांधीनगर में आयोजित चौथे वैश्विक अक्षय ऊर्जा निवेशक सम्मेलन और एक्सपो (री-इन्वेस्ट) में उन्होंने शिरकत की। इस दौरान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आने वाले वर्षों में भारत को सौर, पवन, जलविद्युत और परमाणु ऊर्जा से ऊर्जा मिलेगी।
इस इवेंट में जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, डेनमार्क और नॉर्वे भागीदार देशों के रूप में भाग ले रहे हैं। गुजरात मेजबान राज्य है और आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश भागीदार राज्यों के रूप में भाग ले रहे हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने कार्यक्रम में कहा कि इस कॉन्फ्रेंस में हम एक दूसरे से जो सीखेंगे वो मानवता की भलाई में काम आएगा। देश के गरीब, दलित, पीड़ित, शोषित, वंचित को भरोसा है कि हमारा तीसरा कार्यकाल उनके गरिमापूर्ण जीवन जीने की गारंटी बनेगा।
राजधानी गांधीनगर में चौथे वैश्विक अक्षय ऊर्जा निवेशक सम्मेलन और एक्सपो (री-इन्वेस्ट) में बोलते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "आज का भारत ना केवल आज के लिए बल्कि अगले हजार वर्षों के लिए आधार तैयार कर रहा है।" मोदी ने कहा कि भारत ने अपने भविष्य का निर्माण सौर, पवन, परमाणु और जलविद्युत के आधार पर करने का फैसला किया है।
12 नए इंडस्ट्रियल सिटी बनाने का निर्णय
उन्होंने आगे कहा कि बीते 100 दिनों में भारत में भारत में 12 नए इंडस्ट्रियल सिटी बनाने का निर्णय लिया गया है। बीते 100 दिनों में 15 से ज्यादा नई मेड इन इंडिया सेमी हाई स्पीड वंदे भारत ट्रेन लॉन्च की गई हैं। भारत आने वाले समय में 31,000 मेगावाट हाइड्रो पावर का उत्पादन करने के लिए काम कर रहा है जिसके लिए 12,000 करोड़ रुपए से अधिक आवंटित किए गए हैं।
पीएम मोदी ने आगे कहा कि हमारे लिए ग्रीन फ्यूचर, नेट जीरो कोई फैंसी शब्द नहीं बल्कि भारत की जरूरत है। ये भारत की प्रतिबद्धता है। हम मानवता के उज्ज्वल भविष्य की चिंता करने वाले लोग है। आज का भारत आने वाले 1000 साल का आधार तैयार कर रहा है।
तेल-गैस के भंडारों की कमी
इसी के साथ प्रधानमंत्री मोदी ने याद दिलाया कि भारत ने अपने भविष्य का निर्माण गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों जैसे कि जलविद्युत और परमाणु ऊर्जा के आधार पर करने का फैसला किया है, क्योंकि तेल-गैस के भंडारों की कमी है।उन्होंने कहा, "भारत 2047 तक खुद को एक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए अपनी ऊर्जा जरूरतों और आवश्यकताओं से अच्छी तरह वाकिफ है।"
अयोध्या को सौर शहर बनाने का लक्ष्य
पीएम मोदी ने कहा, "केंद्र अयोध्या को एक आदर्श सौर शहर बनाने का लक्ष्य लेकर चल रहा है।" उन्होंने कहा कि अयोध्या के हर घर, हर कार्यालय, हर सेवा को सौर ऊर्जा से ऊर्जा देने का प्रयास किया जा रहा है। अयोध्या की कई सुविधाएं और घर पहले से ही सौर ऊर्जा का उपयोग कर रहे हैं, जबकि अयोध्या में बड़ी संख्या में सौर स्ट्रीट लाइट, सौर चौराहे, सौर नावें, सौर जल एटीएम और सौर भवन भी देखे जा सकते हैं। पीएम ने बताया कि सरकार ने देश के 17 ऐसे शहरों की पहचान की है, जिन्हें सौर शहरों के रूप में विकसित किया जाएगा।












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