PM Krishi Sinchai Yojana: क्या है कृषि सिंचाई योजना? ड्रिप-स्प्रिंकलर पर मिल रही है 55% सब्सिडी! ऐसे उठाएं लाभ
PM Krishi Sinchai Yojana: खेती को अगर किसी चीज की सबसे ज्यादा जरूरत होती है, तो वो है समय पर और पर्याप्त मात्रा में पानी। लेकिन आज भी देश के लाखों किसान ऐसे हैं जिनके खेत तक सही तरीके से सिंचाई की सुविधा नहीं पहुंच पाई है। सूखा, कम बारिश, या पुराने सिंचाई सिस्टम के कारण किसान अपनी मेहनत का पूरा फल नहीं पा पाते। इन्हीं परेशानियों को दूर करने के लिए केंद्र सरकार ने एक महत्वाकांक्षी योजना शुरू की - प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना।
इस योजना का मकसद सिर्फ हर खेत तक पानी पहुंचाना ही नहीं है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना है कि हर बूंद पानी का सही इस्तेमाल हो। यानी 'हर बूंद ज़रूरी' और 'हर खेत को पानी' जैसे दोहरे लक्ष्य को लेकर सरकार ने किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत करने की दिशा में यह कदम उठाया। चाहे छोटा किसान हो या बड़ा, सबके लिए सिंचाई अब सस्ती, आसान और तकनीक आधारित बन सके, यही इस योजना की असली मकसद है।

2015 में हुई थी योजना की शुरुआत
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) की शुरुआत केंद्र सरकार ने 1 जुलाई 2015 को की थी। इस योजना का मकसद देश के हर खेत तक पानी पहुंचाना और किसानों की सिंचाई से जुड़ी दिक्कतों को दूर करना है।
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मुख्य उद्देश्य क्या है?
सरकार का लक्ष्य है कि हर किसान को पर्याप्त मात्रा में पानी मिल सके, जिससे फसल की पैदावार बढ़े। साथ ही, पानी की बर्बादी को रोका जाए और माइक्रो इरिगेशन जैसे ड्रिप और स्प्रिंकलर सिस्टम को बढ़ावा दिया जाए।
किसे मिलता है योजना का लाभ?
इस योजना का फायदा देश के सभी किसानों को मिल सकता है, खासकर छोटे और सीमांत किसानों को। जिनके पास 5 हेक्टेयर या उससे कम जमीन है, वे योजना के लिए पात्र माने जाते हैं।
कितनी सब्सिडी मिलती है?
- सीमांत और छोटे किसानों को 55% तक सब्सिडी दी जाती है।
- अन्य किसानों को 45% तक की सहायता मिलती है।
यह सब्सिडी सीधे किसानों के बैंक खाते में भेजी जाती है ताकि प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे।
राज्यों के अनुसार सहायता का बंटवारा
- सामान्य राज्यों में: केंद्र 60% और राज्य 40% खर्च उठाते हैं।
- पहाड़ी और पूर्वोत्तर राज्यों में: केंद्र 90% और राज्य 10%।
- केंद्रशासित प्रदेशों में: पूरा खर्च केंद्र सरकार उठाती है।
किन चीजों पर मिलता है पैसा?
- ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई सिस्टम
- खेतों में तालाब या जल संरचना
- पानी उठाने के उपकरण (पंप आदि)
योजना की कुल लागत
शुरुआत में इस योजना के लिए ₹50,000 करोड़ का बजट रखा गया था। बाद में इसे 2025-26 तक बढ़ाया गया है।
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
- आधार कार्ड
- भूमि से जुड़े दस्तावेज
- बैंक खाता विवरण
- निवास प्रमाण पत्र
- पासपोर्ट साइज फोटो
- जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
कहां से करें आवेदन?
किसान अपने राज्य के कृषि विभाग या पंचायत/ब्लॉक स्तर के कार्यालय में जाकर आवेदन कर सकते हैं। कई राज्यों में ऑनलाइन पोर्टल भी उपलब्ध हैं जहाँ से योजना का लाभ लिया जा सकता है।
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