PM Kisan Yojana की 21वीं किस्त से पहले रिकॉर्ड रजिस्ट्रेशन, कब आएंगे किसानों के खाते में पैसे?
PM Kisan Yojana: उत्तर प्रदेश में किसानों के पंजीकरण का बड़ा अभियान चल रहा है, और इस बार सीतापुर जिले ने पूरे राज्य में पहला स्थान हासिल किया है। जिले में अब तक 74.58% किसानों का पंजीकरण पूरा हो चुका है। इसके बाद बस्ती दूसरे स्थान पर है, जहां 74.24% किसान पंजीकृत हैं, जबकि तीसरे नंबर पर रामपुर जिला 70% पंजीकरण के साथ पहुंचा है। राज्य स्तर पर अब तक लगभग 54% किसानों का रजिस्ट्रेशन पूरा हो चुका है, जिससे करीब 1.5 करोड़ किसानों को लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर यह अभियान मिशन मोड में चलाया जा रहा है।
सरकार ने साफ कर दिया है कि 1 अप्रैल 2026 से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना की अगली किस्त केवल उन्हीं किसानों को मिलेगी जिनका पंजीकरण पूरा होगा। इसी वजह से पूरे प्रदेश में रजिस्ट्रेशन और वेरिफिकेशन की प्रक्रिया को तेज कर दिया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे हर गांव में किसान पंजीकरण शिविर आयोजित करें। इन शिविरों का शेड्यूल बनाकर राज्य सरकार को भेजा जाएगा। साथ ही, अधिकारियों को पीएम किसान योजना के सत्यापन कार्य में तेजी लाने के आदेश भी दिए गए हैं।

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हर दिन 4 हजार किसान हो रहे पंजीकृत
वर्तमान में प्रदेश में रोजाना लगभग 4,000 किसानों का रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है। लक्ष्य है कि नवंबर के अंत तक सभी पात्र किसानों का पंजीकरण और सत्यापन पूरा कर लिया जाए, ताकि कोई भी किसान अगली किस्त से वंचित न रह जाए।
पीएम किसान की 21वीं किस्त कब आएगी?
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 21वीं किस्त दिसंबर 2025 के पहले या दूसरे हफ्ते तक जारी की जा सकती है। कृषि मंत्रालय के अनुसार, जिन किसानों का ई-केवाईसी, भूमि सत्यापन और पंजीकरण पूरा हो गया है, उनके खातों में यह राशि सीधे भेजी जाएगी। इस बार भी किस्त 2 हजार रुपये की होगी, जो किसानों के खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के तहत पहुंचेगी। वहीं जिन किसानों का सत्यापन अभी बाकी है, उन्हें किस्त मिलने में देरी हो सकती है।
सरकार का लक्ष्य - कोई किसान न छूटे
राज्य सरकार चाहती है कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ हर पात्र किसान तक पहुंचे। इसके लिए प्रशासनिक टीम लगातार गांव-गांव जाकर किसानों को रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के बारे में जागरूक कर रही है। जिला स्तर पर निगरानी बढ़ाई गई है और अधिकारियों को तय समय सीमा के भीतर अभियान पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।












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