PM Kisan Yojana: अभी तक नहीं मिले पीएम किसान के 21वीं किस्त के 2000? क्या करें कि एक साथ आ जाएं सारे पैसे?
PM Kisan Yojana: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना देश के छोटे और सीमांत किसानों के लिए एक भरोसेमंद सहारा बन चुकी है। खेती में बढ़ते खर्च, बीज, खाद, दवा और सिंचाई जैसे कामों के लिए यह मदद किसानों को समय पर राहत देती है। इसी योजना के तहत सरकार ने हाल ही में पीएम किसान की 21वीं किस्त जारी की, जिसमें पात्र किसानों के बैंक खातों में 2000 रुपये भेजे गए।
लेकिन इस बार भी बड़ी संख्या में किसान ऐसे रहे, जिनके खाते में यह रकम नहीं पहुंची। कई किसानों का कहना है कि वे पहले की किस्तें पा चुके हैं, फिर इस बार पैसा क्यों नहीं आया। असल में, इसके पीछे कुछ जरूरी प्रक्रियाएं और छोटी गलतियां होती हैं, जिन पर ध्यान न देने से किस्त अटक जाती है।

eKYC नहीं कराने से अटकी किस्त
पीएम किसान योजना में eKYC कराना अब अनिवार्य कर दिया गया है। जिन किसानों ने अब तक eKYC पूरी नहीं की है, उनकी किस्त अपने आप रोक दी जाती है। eKYC ऑनलाइन पीएम किसान की वेबसाइट पर जाकर या फिर नजदीकी सीएससी सेंटर पर कराई जा सकती है। कई किसान यह समझते हैं कि एक बार पंजीकरण हो गया तो आगे कुछ करने की जरूरत नहीं है, जबकि eKYC समय पर न कराने से भुगतान रुक जाता है।
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भू सत्यापन अधूरा होने पर नहीं मिलता लाभ
योजना के तहत किसानों की जमीन से जुड़ी जानकारी की जांच की जाती है, जिसे भू सत्यापन कहा जाता है। अगर यह प्रक्रिया अधूरी रह जाती है, तो किसान को योजना का पैसा नहीं मिलता। कई जगह रिकॉर्ड अपडेट न होने या दस्तावेज पूरे न होने की वजह से भू सत्यापन अटका रहता है। किसान अपने क्षेत्र के कृषि कार्यालय या लेखपाल से संपर्क कर इस प्रक्रिया को पूरा करा सकते हैं।
आधार और बैंक खाता लिंक न होना
पीएम किसान की रकम सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है। अगर बैंक खाता आधार से लिंक नहीं है, तो भुगतान फेल हो सकता है। कई किसानों का खाता तो है, लेकिन उसमें आधार जुड़ा नहीं होता। ऐसे में पैसा खाते में नहीं आता और किस्त अटक जाती है। आधार को बैंक खाते से जोड़ने का काम बैंक शाखा या बैंक की सुविधा के जरिये कराया जा सकता है।
बैंक विवरण में छोटी गलती भी बनती है वजह
कई बार आवेदन करते समय किसान बैंक खाता नंबर या आईएफएससी कोड गलत भर देते हैं। कभी-कभी खाता बंद हो चुका होता है या बदल दिया गया होता है, लेकिन पोर्टल पर पुरानी जानकारी ही रहती है। ऐसी स्थिति में सरकार की ओर से पैसा भेजा तो जाता है, लेकिन वह वापस लौट जाता है। किसान पीएम किसान पोर्टल पर जाकर अपनी बैंक जानकारी देख सकते हैं और जरूरत पड़ने पर उसमें सुधार कर सकते हैं।
मोबाइल नंबर और रिकॉर्ड अपडेट न होना
कुछ मामलों में किसान का मोबाइल नंबर बदल जाता है, लेकिन पोर्टल पर पुराना नंबर दर्ज रहता है। इससे ओटीपी या जरूरी जानकारी किसान तक नहीं पहुंच पाती। रिकॉर्ड अपडेट न होने की वजह से भी सत्यापन में दिक्कत आती है। इसलिए समय-समय पर अपनी जानकारी जांचना जरूरी है।
किस्त न मिलने पर क्या करें किसान
अगर 21वीं किस्त नहीं मिली है, तो सबसे पहले पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपनी स्थिति जांचनी चाहिए। वहां eKYC, भू सत्यापन और बैंक डिटेल की जानकारी मिल जाती है। इसके अलावा किसान हेल्पलाइन नंबर या नजदीकी कृषि कार्यालय से भी मदद ले सकते हैं।
क्या है पीएम किसान सम्मान निधि योजना
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसानों को हर साल कुल 6000 रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है। यह राशि साल में तीन बराबर किस्तों में 2000 रुपये करके सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है। सरकार अब तक इस योजना की 21 किस्तें जारी कर चुकी है और आगे भी पात्र किसानों को इसका लाभ दिया जाता रहेगा।
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