'PM गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान' लॉन्च, 100 लाख करोड़ के प्रोजेक्ट से बदलेगा देश का बुनियादी ढांचा
नई दिल्ली, अक्टूबर 13। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को राजधानी दिल्ली में 'पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान' को लॉन्च किया। करीब 100 लाख करोड़ रुपए के इस प्रोजेक्ट से देश के इन्फ्रास्ट्रक्चर मॉडल को एक नई दिशा मिलेगी। यह प्रोजेक्ट पीएम मोदी के 'आत्मनिर्भर भारत' मिशन के लिहाज से बहुत ही महत्वपूर्ण है। साथ ही ये प्रोजेक्ट भारत सरकार के 5 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था वाले लक्ष्य को पूरा करने के लिए भी एक मजबूत कड़ी के रूप में काम करेगा। साथ ही कोरोना महामारी के कारण देश की जो आर्थिक प्रगति रूक गई है, उसे फिर से पटरी पर लेकर आएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को गति शक्ति योजना का ऐलान किया था।

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योजना के तहत 16 मंत्रालयों को डिजीटली रूप से जोड़ा जाएगा
आपको बता दें कि पीएम मोदी ने बुधवार को सुबह 11 बजे प्रगति मैदान में आयोजित एक कार्यक्रम में इस योजना की शुरुआत की। इस प्रोजेक्ट की लॉन्चिंग से पहले पीएम मोदी ने गति शक्ति मास्टर प्लान के मॉडल की समीक्षा की, जो उन्हें प्रगति मैदान के प्रदर्शनी कैंपस में दिखाया गया। भारत सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत रेल और सड़क समेत 16 मंत्रालयों को डिजिटली रूप से जोड़ा जाएगा। इससे इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट प्रोजक्ट्स में तेजी आएगी। इसके तहत शुरुआत में 16 ऐसे मंत्रालयों की पहचान की गई है जो बेसिक इंन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट का काम देखते हैं।
'पीएम गति शक्ति - राष्ट्रीय मास्टर प्लान' योजना इन स्तंभों पर आधारित होगी।
1. व्यापकता: इसके तहत योजना के 16 मंत्रालयों और विभागों की सभी मौजूदा नियोजित पहल को एक केंद्रीकृत पोर्टल के साथ जोड़ा जाएगा। हर विभाग को अब एक-दूसरे की गतिविधियों की पूर्ण जानकारी होगी, जो व्यापक तरीके से परियोजनाओं की योजना और निष्पादन करते समय महत्वपूर्ण डेटा प्रदान करते हैं।
2. प्राथमिकता: इसके माध्यम से विभिन्न विभाग क्रॉस-सेक्टोरल इंटरैक्शन के माध्यम से अपनी परियोजनाओं को प्राथमिकता देने में सक्षम होंगे।
3. अनुकूलन: ये प्रोजेक्ट परियोजनाओं की योजना बनाने में विभिन्न मंत्रालयों की सहायता करेगा। साथ ही इसके जरिए उस समय अवधि की भी पहचान होगी, जो योजना और परियोजना के बीच की होगी। साथ ही सामान को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने के लिए लागत के मामले में सबसे बेहतर रूट चुनने में मदद मिलेगी।
4. सिंक्रोनाइज़ेशन: अधिकतर मंत्रालय और विभाग अक्सर भूमिगत कक्ष में काम करते हैं, जिसकी वजह से परियोजना के नियोजन एवं क्रियान्वयन में समन्वय का अभाव होता है, जिसके परिणामस्वरूप विलम्ब होता है। पीएम गतिशक्ति प्रत्येक विभाग की गतिविधियों के साथ-साथ शासन की विभिन्न परतों को उनके बीच काम का समन्वय सुनिश्चित करके समग्र रूप से समन्वयित करने में मदद करेगी।












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