26/11 के नरीमन हाउस हमले में माता पिता को खोने वाले मोशे से मिले नेतन्याहू, पीएम मोदी ने दिया था न्योता
, पीएम मोदी ने दिया था न्योता
नई दिल्ली। साल 2008 की 26 नवंबर को मुंबई हमले के पीड़ित मोशे होल्ट्सबर्ग ने आज इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात की। इस दौरान नेतन्याहू ने 26/11 में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि भी दी। मोशे मंगलवार को नरीमन हाउस पहुंचे थे, जहां 26/11 के हमले में उनकी मां रिक्का और पिता गेवरिल को आंतकियों ने जान से मार दिया था। मोशे से मुलाकात के दौरान नेतन्याहू ने कहा कि नरीमन हाउस प्यार की निशानी है। यह जगह आतंकियों के नफरत की शिकार हो गई थी। मोशे ने नेतन्याहू को अपने अपना कमरा भी दिया। नेतन्याहू ने मोशे को मेजाबनी करने के लिए शुक्रिया कहा। मोशे करीब 10 साल बाद नरीमन हाउस वापस लौटा है।

काफी खास दिन
2008 में हुए आतंकी हमले के बाद मोशे पहली बार मुंबई आ रहे हैं। पिछले साल जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इजरायली दौरे पर गए थे तब उन्होंने मोशे को भारत आने का न्योता दिया था। मोशे अपने बाकी परिवार के साथ मुंबई पहुंचे। उनके दादा ने कहा कि ये काफी खास दिन है।

मोशे तब केवल दो साल का थे
मुंबई में जन्में मोशे तब केवल दो साल का थे जब नरीमन हाउस को आतंकियों ने अपना निशाना बनाया था। मोशे अपनी मां रिवका और पिता गैवरूल के साथ मुंबई के नरीमन हाउस में रुके थे। इस जगह को आतंकियों ने अपना निशाना बनाया था जिसमें मोशे ने अपने माता-पिता को खो दिया था। मोशे की जान उसकी आया ने बचाई थी।

6 इजरायली नागरिकों की जान चली गई थी
आया ने एक इंटरव्यू में कहा था कि उन्होंने मोशे को अपने माता-पिता के शव के साथ बैठा पाया था। उन्होंने मोशे को उठाया और तुरंत बिल्डिंग से भाग निकलीं थीं। उसे दिन के बारे में उन्होंने कहा था, 'उस दिन गोलियों की काफी आवाज आ रही थी। मैं खुद लॉन्ड्री रूम में जाकर छिप गई थीं। मैं तब बाहर निकली जब मुझे मोशे की आवाज आई। मैंने देखा कि वो उसके माता-पिता की मौत हो चुकी हैऔर वो वहीं उसके पास बैठा हुआ था। मैंने उसे उठाया और भाग निकली।' नरीमन हाउस पर हुए इस हमले में कुल 6 इजरायली नागरिकों की जान चली गई थी।












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