सुरक्षित रेल यात्रा के लिए होगा स्पेस तकनीक का प्रयोग- रेल मंत्री पीयूष गोयल
नई दिल्ली। रेलवे में पिछ्ले तीन वर्षों में वार्षिक निवेश लगभग दोगुना हुआ है। जो विजन और गति सुरेश प्रभु ने दिया, हमारी टीम उसको आगे ले के जायेगी। यह बातें रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहीं। उन्होंने कहा कि मैं दावे के साथ कह सकता हूँ कि रेलवे के सभी कर्मचारियों और टीम में इतनी क्षमता कि वह हनुमान की तरह पहाड़ भी हिला सकते हैं। उन्होंने कहा कि हमने कार्य में प्रायऑरिटी को तय किया है, और सुरक्षा को सबसे अधिक प्रायऑरिटी दी है। रखरखाव के लिये हमने ब्लॉक देने को प्राथमिकता देने का निर्णय किया है और इसके लिये टाइम टेबल को रिव्यू किया गया है। उन्होंने कहा कि 5,000 से अधिक मानव रहित रेलवे फाटकों को एक वर्ष के अंदर बंद किया जायेगा या उस पर गेट लगाकर उनका रखरखाव किया जायेगा।

LHB को प्राथमिकता
गोयल ने कहा कि पुराने डिजाइन के ICF कोचेस को बंद करने का निर्णय लिया गया है, और LHB कोचेस को प्राथमिकता दी जायेगी। अल्ट्रासोनिक सेंसर व एक्स-रे के माध्यम से पूरे रेलवे ट्रैक की ऑटोमेटेड चैकिंग हो, जिससे सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि सभी आरपीएफ स्टॉफ, व टिकट चैकर युनिफॉर्म में ही चैकिंग कर सकेंगे।
गोयल ने कहा कि सुरक्षा के प्रति कोई समझौता नही होगा, उसके लिये यदि अधिक पैसा लगाना पड़े तो हम लगायेंगे। उन्होंने कहा कि हमने इसरो प्रमुख के साथ मीटिंग की है, रेलटेल, मोबाइल व स्पेस तकनीक को इंटिग्रेट कर के हम अधिक सुविधा दे सकते हैं। इसके साथ ही काम की निगरानी करना और जवाबदेही तय करना, इस पर सरकार का फोकस रहा है।
1 नवंबर से रेलवे का नया टाइम टेबल
गोयल ने कहा कि प्रत्येक फूड पैकिट पर अधिकतम मूल्य छपा होना आवश्यक किया गया है ताकि किसी से भी अधिक मूल्य ना लिया जा सके। 1 नवंबर से रेलवे का नया टाइम टेबल लागू होगा जिससे कई ट्रेन के यात्रा समय में कमी आयेगी। गोयल ने कहा कि गैंगमेन की कठिनाईयों को दूर करने के लिये एक किट बनाने का निर्णय हुआ है, जिससे उनकी सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित होगी। गोयल ने यह भी कहा कि रेलवे स्टेशन को मल्टियुटिलिटी सेंटर के रूप में उपयोग करने पर विचार किया जा रहा है।












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