कोरोना से जान गंवाने वाले पायलट्स के परिजनों को मिले 10 करोड़ मुआवजा, जल्द लगे वैक्सीन, कोर्ट में याचिका दायर
नई दिल्ली, 09 जून। भारत में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान जो पायलट कोरोना से संक्रमित हुए हैं या फिर जिनकी संक्रमण की वजह से जान चली गई है उनके लिए पर्याप्त मुआवजे की योजना के लिए भारतीय पायट असोसिएश ने बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। यही नहीं असोसिएशन की ओर से मांग की गई है कि पायलट को कोरोना का टीका प्राथमिकता के साथ लगाया जाए, साथ ही उनका महामारी के दौरान बीमा कराया जाए। फेडरेशन ऑफ इंडियन पॉयलट्स ने सोमवार को बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दायर करके पायलट्स को जरूरी सुविधाएं मुहैया कराने की अपील की है।

असोसिएशन की ओर से कोर्ट में याचिका दायर करके अपील की गई है कि कोर्ट केंद्र सरकार को इस बाबत दिशा निर्देश जारी करे कि जिन पायलट की कोरोना की वजह से मृत्यु हो गई है उनके परिवार को 10 करोड़ रुपए का मुआवजा दिया जाए। कोर्ट में जो याचिका दायर की गई है उसमे कहा गया है कि मार्च 2020से अभी तक सभी एयरलाइंस की बात करें तो लगातार ये पायलट वंदे भारत मिशन के लिए काम कर रहे हैं और दूसरे देश में फंसे भारतीय नागरिकों को वापस लाने का काम किया है। यही नहीं कोरोना की दूसरी लहर के दौरान मेडिकल सप्लाई को भी पहुंचाने में पायलट्स ने अहम भूमिका निभाई है।
इस दौरान कई पायलट कोरोना से संक्रमित हुए हैं और कई पायलट्स की जान चली गई है। सूत्रों के अनुसार अगर अलग-अलग एयरलाइंस के पायलट की बात करें तो एयर इंडिया, इंडिगो, विस्तारा के 17 पायलट की कोरोना की दूसरी लहर के दौरान मई माह में मृत्यु हो गई है। इंडिगो के 10 पायलट, विस्तार के दो पायलट की कोरोना से मृत्यु हो गई है। एयर इंडिया के पांच वरिष्ठ पायलट की भी कोरोना से मृत्यु हो गई है। जिसमे कैप्टन हर्ष तिवारी, जीपीएस गिल, प्रसाद कर्माकर, संदीप राणा और अमितेश प्रसाद शामिल हैं।












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