Pics: दुर्गा पूजा के बाद अब दशहरे के रंग में रंगा भारत
बैंगुलुरू। नवरात्र में मां दुर्गा की पूजा के बाद इस समय पूरे भारत में दशहरे की उमंग देखी जा रही है इसलिए अब देश के अलग-अलग हिस्सों में रावण दहन की तैयारियां चल रही हैं।
भगवान राम की रावण पर विजय के उपलक्ष्य में मनाया जाने वाला दशहरा बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। इससे पहले नवरात्रि के दौरान अनेक स्थानों पर रामलीलाएं आयोजित की गईं थीं।
दशहरे पर भगवान राम ने रावण का वध किया था इसलिए इसे असत्य पर सत्य की विजय के रूप में मनाया जाता है और इसी कारण इस दशमी को विजयादशमी कहते है। इसी दिन लोग नया कार्य प्रारम्भ करते हैं और शस्त्र-पूजा की जाती है।
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रावण दहन की तैयारी
माना जाता है की रावण दहन के साथ ही सारी बुराई मिट जाती है।

नवरात्र का समापन
देशभर में नवमी के दिन मां के अंतिम दर्शन के साथ ही नवरात्र का समापन हो जाता है। मंदिरों में उमड़ी भीड़।

रावण के पुतले
लखनऊ में दशहरे पर लोगों में उत्साह देखते ही बनता है। देश में कई फीट उंची रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले बनाए गए है।

देवी चामुंडेश्वरी से होती है दशहरे की शुरुआत
मैसूर दशहरा का आरंभ मैसूर में पहाड़ियों पर विराजने वाली देवी चामुंडेश्वरी के मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना के साथ शुरू होता हे विजयादशमी के त्यौहार में चामुंडी पहाड़ियों को सजाया जाता है|

रावण दहन की मान्यता है
माना जाता है की रावण दहन के साथ ही सारी बुराई मिट जाती है।

रावण की पांच गलतियां यानी आपकी सफलता के पांच मंत्र
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