भारत में एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर्स अब हैं 'कूल'

पढ़ें-प्यू रिसर्च सर्वे में क्या है नैतिकता पर भारत की राय
इस सर्वे में यह बात भी साफ है कि होमोसेक्सुऐलिटी और शादी से पहले सेक्स पर भारत में अभी भी लोग की सोच पुरानी ही है।
प्यू रिसर्च की ओर से कराया गया यह सर्वे मोरलैटी इश्यूज यानी नैतिकता की परिभाषा तय करने वाले कुछ मुद्दों पर आधारित था। सर्वे के तहत 40 देशों में रहने वाले 40,000 से भी ज्यादा लोगों से शादी से पहले सेक्स से लेकर शराब पीने तक की बातों से जुड़े सवाल पूछे गए थे।
फ्रांस और जर्मनी रह गए भारत से पीछे
सर्वे की कुछ खास फाइंडिंग्स के तहत भारत का रुख कुछ मुद्दों पर वैश्विक औसत के मुकाबले काफी कड़ा नजर आया तो वहीं एक्सट्रा मैरिटल अफेयर्स को लेकर काफी लचीला रुख सामने आया है। चेक रिपब्लिक के बाद भारत ऐसा देश है जहां पर लोगों को शादी से अलग रिलेशनशिप को स्वीकार करने में बिल्कुल भी हिचकिचाहट नहीं होती है।
चेक रिपलिब्क जैसे देश में 17 प्रतिशत लोगों ने माना कि शादी से अलग रिलेशनशिप में कोई समस्या नहीं है तो वहीं भारत में 14 प्रतिशत लोगों को इससे कोई समस्या नहीं है। भारत, फ्रांस और जर्मनी जैसे देशों से भी आगे है जहां पर शादीशुदा संबंधों से अलग संबंधों को अनैतिक नहीं माना गया है।

शादी से पहले सेक्स को लेकर बदल रही सोच
प्यू रिसर्च के इस सर्वे में 11 प्रतिशत लोगों ने माना है कि शादी से पहले सेक्स नैतिकता से जुड़ा कोई मुद्दा नहीं और इससे किसी को कोई समस्या नहीं होनी चाहिए। साफ है कि इस मुद्दे को लेकर लोगों की सोच अब बदल रही है।
आपको बता दें कि वर्ष 2001 में हुए एक सर्वे में देश के करीब एक चौथाई युवाओं ने इस बात को माना था कि उन्हें शादी से पहले सेक्स करने में कोई ऐतराज नहीं है। इस सर्वे में 22 प्रतिशत लोग ऐसे भी सामने आए हैं जिन्होंने कॉन्ट्रासेप्टिव्स के प्रयोग को अनैतिक करार दिया है और वह इसके प्रयोग के खिलाफ हैं।
होमोसेक्सुऐलिटी के खिलाफ
प्यू रिसर्च के मुताबिक भारत में 67 प्रतिशत लोगों ने समलैंगिकता या होमोसेक्सुऐलिटी को अनैतिक करार दिया है। सिर्फ नौ प्रतिशत लोगों ने इसे स्वीकार किया है और 11 प्रतिशत लोगों ने माना है कि समलैंगकिता कोई नैतिक मुद्दा नहीं है।












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