पेट्रोल के दाम पहुंच सकते हैं 80 रुपए तक, उद्योग पर पड़ेगा असर
नई दिल्ली। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार बढ़ रही है, ऐसे में लोगों को महंगे पेट्रोल और डीजल की कीमत के लिए तैयार रहने की जरूरत है। मौजूदा समय में कच्चे तेल की कीमत 68 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है जोकि पिछले तीन वर्षों में सबसे अधिक है। इससे पहले 2015 में कच्चे तेल की कीमतें इतनी पहुंची थी। माना जा रहा है कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों की वजह से सरकार का वित्तीय गणित बिगड़ सकता है और इसका असर उद्योग जगत पर भी पड़ सकता है।

इस वर्ष बढ़ सकता है दाम
इससे पहले सरकार ने अनुमान लगाया था कि कच्चे तेल की कीमत 55 डॉलर प्रति बैरल रहेगा, लेकिन दिसंबर तक यह कीमतें काफी बढ़ गई, ऐसे में अगर यह कीमतें इस वर्ष नहीं कम होती हैं तो कीमतें और बढ़ सकती हैं। वर्ष 2014 से कच्चे तेल की कीमतों में लगातार कमी हुई, लेकिन आम लोगों को इसका कोई लाभ नहीं हुआ। ऐसे में आने वाले समय में जिस तरह से अंदाजा लगाया जा रहा है कि कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है, उसका भार आम लोगों पर पड़ सकता है। जिस स्तर से लगातार तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है उसे देखे तो पेट्रोल के दाम 80 रुपए तक जा सकते हैं।

एक्साइज में कमी भी काम नहीं आई
आपको बता दें कि केंद्र सरकार ने अक्टूबर माह में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कमी के लिए एक्साइज ड्यूटी को कम कर दिया था, लेकिन एक बार फिर से पेट्रोल और डीजल की कीमतें काफी बढ़ गई हैं। दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल की कीमत जहां 70 रुपए पहुंच गई है तो डीजल भी 61 रुपए तक पहुंच गया है। लेकिन जिस तरह से कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हो रही है उसकी वजह से इसके दाम कम होने की बजाए बढ रहे हैं।

जीएसटी में लाने की तैयारी
अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 68 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचने की वजह से लगातार इसके दाम में बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में माना जा रहा है कि सरकार पेट्रो पदार्थ को भी जीएसटी के दायरे में ला सकती है। खुद पेट्रोल मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बी इस बात को कहा है कि वह पेट्रो पदार्थ को जीएसटी के दायरे में लाना चाहते हैं, माना जा रहा है कि इस वर्ष यह फैसला लिया जा सकता है।












Click it and Unblock the Notifications