सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर, कोरोना की घर-घर जांच की मांग
नई दिल्ली। देश में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। अब देश में कोरोना के कम्युनिटी ट्रांसमिशन का खतरा बढ़ गया है। इसी बीच सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है, जिसमें भारत सरकार को निर्देश देने के लिए कहा गया है कि देश में कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए सरकार बड़े स्तर पर घर-घर में परीक्षण करें। साथ ही हॉटस्पॉट शहरों में कोरोना संक्रमित व्यक्तियों के उपचार किए जाएं।

गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में इलाहाबाद के 4 वकीलों की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि सरकार को एक-एक व्यक्ति की जांच की शुरुआत उन इलाकों से करनी चाहिए जहां कोरोना के ज़्यादा मामले हुए हैं। इससे पहले बुधवार को कोर्ट ने आदेश दिया था कि मान्यताप्राप्त सरकारी या प्राइवेट लैब में कोरोना वायरस की जांच मुफ्त में होगी। इसके लिए अदालत ने केंद्र सरकार से कहा है कि वह मान्यताप्राप्त सभी लैबों को मुफ्त में कोरोना जांच करने का निर्देश दे।
सुप्रीम कोर्ट ने साथ में यह भी कहा था कि कोरोना वायरस की जांच सिर्फ वहीं लैब करें तो NABL यानी National Accreditation Board for Testing and Calibration Laboratories से मान्यता प्राप्त लैबों या विश्व स्वास्थ्य संगठन या ICMR (इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च) से मंजूरी प्राप्त किसी एजेंसी के जरिए होनी चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस एस. रवींद्र भट्ट की बेंच ने कहा कि लोगों से इस टेस्ट के लिए पैसे नहीं लिए जा सकते। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि प्राइवेट लैब द्वारा लिए गए टेस्ट से संबंधित पैसे कैसे वापस होंगे, इस मसले पर बाद में विचार होगा। देश में कोराना संक्रमण के मरीजों की संख्या 6 हजार 829 हो गई है। आज 112 नए मामले सामने आए। इनमें से मध्यप्रदेश में 36, राजस्थान में 26, गुजरात में 21, पश्चिम बंगाल में 13, महाराष्ट्र में 5, जम्मू-कश्मीर और ओडिशा में 4-4, बिहार में 2 और झारखंड में 1 मरीज की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। गुरुवार को एक दिन में रिकॉर्ड 809 पॉजिटिव मिले। यह संक्रमितों की संख्या में अब तक का सबसे तेज इजाफा है।












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