'फेलिन' से बचाव के लिए आध्यात्मिक उपाय शुरू
गायत्री परिवार के अंतर्राष्ट्रीय मुख्यालय शांतिकुंज के साथ-साथ देशभर में फैले हजारों प्रज्ञा संस्थानों ने शाम 5 से 6.15 बजे तक सामूहिक जप किया। बताया गया है कि यह क्रम आगे भी जारी रहेगा। समय-समय पर देश व समाज में आसन्न संकट से उबरने के लिए गायत्री परिवार ने कई बार सामूहिक जप, तप, यज्ञानुष्ठान किया है और इसमें काफी सफलता भी मिली है।
गायत्री परिवार का दावा है कि सामूहिक साधना के जरिए स्काई लैब, तृतीय विश्वयुद्ध टालने सहित अनेक संकटों को टालने में आशातीत सफलता मिली है। चूंकि यह साधना जन-सरोकारों से जुड़ी है और इसमें जन-जन की भागीदारी भी है, इसलिए आने वाले बड़े संकटों को टालने एवं उससे होने वाले नुकसानों को कम करने के उद्देश्य से एक ही समय में देश-विदेश के लाखों गायत्री परिवार सदस्य सामूहिक जप, तप और यज्ञानुष्ठान करते हैं।
गायत्री साधिका शैल दीदी ने बताया कि दक्षिणी क्षेत्र में आने वाले फेलिन तूफान की गति को कम करने एवं जन-धन का नुकसान कम से कम हो, इस निमित्त यह यज्ञानुष्ठान करने का निर्णय लिया गया। इसमें देश-विदेश के लाखों गायत्री साधक एक साथ एक ही समय में जप-तप करेंगे। उन्होंने बताया कि नवरात्र साधना से मिली शक्ति के कुछ अंश भी परिजन इस निमित्त लगाएंगे।
शनिवार को शांतिकुंज के मुख्य सभागार में आयोजित सामूहिक जप में वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के अलावा देश-विदेश से हजारों गायत्री साधक शामिल थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।













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