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फेलिन से जुड़े महत्‍वपूर्ण तथ्‍य और तूफान की तस्‍वीरें

भुवनेश्वर/विशाखापट्नम। ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तट से होते हुए भारत में प्रवेश करने वाला फेलिन 2005 में अमेरिका में आये कैटरीना से भी ज्‍यादा खतरनाक होगा। उस तूफान ने अमेरिका में 1833 जानें ली थीं, यह तूफान कितनी तबाही मचायेगा, यह अभी किसी को नहीं पता है। फेलिन ओडिशा के गंजम, गजापति, पुरी, खुरदा, केंद्रपदा और जगतसिंहपुर में सबसे ज्‍यादा तबाही मचाने वाला है। ऐसे मौके पर सरकार व सेनाएं अलर्ट हैं और मुख्‍यमंत्री नवीन पटनायक ने कहा है कि वो इस तूफान में एक भी मौत नहीं होने देंगे।

ईश्‍वर करे नवीन पटनायक प्रकृतिक आपदा से लड़ने में सफल हों। जिस समय तूफान ओडिशा के तट पर पहुंचेगा तब समुंदर की ऊंची-ऊंची लहरें शहर के अंदर 600 मीटर तक प्रवेश कर जायेंगी। हवा की रफ्तार 250 किलोमीटर प्रति घंटा से ज्‍यादा होगी, जबकि अमेरिकी मौसम विभाग का दावा है कि फेलिन आने पर 350 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। साथ में पानी भी।

आइये एक नजर डालते हैं फेलिन से जुड़े कुछ महत्‍वपूर्ण तथ्‍यों पर-

1. फेलिन के आने पर समुद्र तट पर 15 से 20 मीटर की ऊंचाई वाली लहरें उठेंगी।
2. भारत में साइक्‍लोन के आने के दो सीजन होते हैं। पहला अप्रैल से जून और दूसरा अक्‍टूबर से दिसंबर के बीच का समय।
3. पूरी दुनिया में हर साल 80 से ज्‍यादा चक्रवात उठते हैं, कुछ तबाही मचाते हैं और तमाम समुद्र को हिलाते हुए समाप्‍त हो जाते हैं।
4. अटलांटिक में जब चक्रवात उठता है तो उसे हरिकेन कहा जाता है, जबकि भारतीय महासागर में चक्रवात को साइक्‍लोन कहा जाता है।
5. फेलिन को देखते हुए ओडिशा और विशाखापट्नम के तटीय इलाकों से 2 लाख लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया जा चुका है।
6. यह ओडिशा की वर्तमान सरकार का अब तक का सबसे बड़ा ऑपरेशन है।
7. फेलिन भारतीय महासागर में उठे चक्रवातों में अब तक का सबसे शक्तिशाली चक्रवात है, जो भारत की ओर बढ़ रहा है।
8. यदि आप किसी असुरक्षित स्‍थान पर हैं, तो तुरंत सरकार द्वारा बनाये गये साइक्‍लोन शेल्‍टर में जायें।
9. सभी इमरजेंसी नंबर अपने पास रखें।
10. अगर आपके घर की ओर चक्रवात आ रहा है, तो घर के दरवाजे बंद कर बैठ जायें।
11. खुद को गद्दे, रजाई या कंबल में लपेट लें और मजबूत टेबल के नीचे बैठ जायें।

फेलिन की तस्‍वीरें व अन्‍य महत्‍वपूर्ण बातें स्‍लाइडर में-

गंजम एवं जगदीशपुर

गंजम एवं जगदीशपुर

ओडिशा में अधिकांश निचले इलाकों में भारी वर्षा के कारण जलभराव की समस्या उत्पन्न हो गई है। इसी तरह गंजम एवं जगदीशपुर जिलों के कई स्थानों पर सड़क संचार बाधित हो रहा है।

18 मछुआरों का दल फंसा

18 मछुआरों का दल फंसा

सप्ताह भर पहले बंगाल की खाड़ी में मछली पकड़ने के लिए गए 18 मछुआरों का दल पुरी जिले के अष्टारंगा इलाके में तूफान में फंस गया था और तट रक्षकों को उन्हें बचाने के लिए भेजा गया था।

20 दल तैनात

20 दल तैनात

राहत एवं बचाव अधिकारी संकटग्रस्त क्षेत्रों में पहुंचकर काम शुरू कर चुके हैं। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) के कम से कम 20 दल संकटग्रस्त क्षेत्रों में तैनात किए गए हैं और आवश्यकता पड़ने पर और 20 दलों को भेजने की भी तैयारी है।

10 हेलीकॉप्टर तैयार

10 हेलीकॉप्टर तैयार

राजधानी भुवनेश्वर के बीजू पटनायक हवाईअड्डे के आंधी और बारिश से प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल में 10 हेलीकॉप्टर राहत सामग्री ले जाने के लिए तैयारी किए गए हैं।

आंध्र प्रदेश में बारिश

आंध्र प्रदेश में बारिश

ओडिशा और तटीय आंध्र प्रदेश में शनिवार को तेज आंधी के साथ भारी बारिश हुई है, जिसके कारण आम जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है।

300 किलोमीटर दूर

300 किलोमीटर दूर

भारतीय मौसम विभाग ने कहा कि फेलिन गोपालपुर से 260 किलोमीटर दक्षिण पूर्व और पारादीप से 300 किलोमीटर दक्षिण पूर्व में स्थित है।

पारादीप के बीच

पारादीप के बीच

विभाग ने कहा कि यह तूफान उत्तर पश्चिम की ओर बढ़ रहा है और इसके कलिंगपट्टनम और पारादीप के बीच आंध्र प्रदेश और ओडिशा तट को शाम तक पार करने की आशंका है। इस तूफान में हवा की गति 210-240 किलोमीटर प्रति घंटा होने की आशंका है।

काफी बड़ा तूफान

काफी बड़ा तूफान

यह काफी बड़ा तूफान है और इसके शाम छह से आठ बजे के बीच तट तक पहुंचने की संभावना है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के भीतर तटीय ओडिशा, तटीय आंध्र और पश्चिम बंगाल में कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना जताई है।

इन जिलों में मचेगी तबाही

इन जिलों में मचेगी तबाही

तूफान से ओडिशा के गंजाम, गजपति, खोरधा, पुरी एवं जगदीशपुर जिलों के तटीय इलाकों में भयानक तबाही की आशंका है, जबकि राज्य के अन्य जिलों में भी भारी वर्षा और बाढ़ की समस्या उत्पन्न हो सकती है।

बंगाल की खाड़ी

बंगाल की खाड़ी

बंगाल की खाड़ी में मछली पकड़ने के लिए गए 18 मछुआरों का दल पुरी जिले के अष्टारंगा इलाके में तूफान में फंस गया था और उन्हें बचाने के लिए तट रक्षकों को भेजा गया था।

शनिवार शाम को पहुंचेगा

शनिवार शाम को पहुंचेगा

बंगाल की खाड़ी के पश्चिममध्य में उठा चक्रवाती तूफान फेलिन उत्तरी आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटों पर शनिवार शाम तक पहुंच जाएगा।

मौसम बुलेटिन

मौसम बुलेटिन

आईएमडी ने शनिवार तड़के 2.30 बजे जारी बुलेटिन में कहा कि चक्रवाती तूफान ओडिशा के पारादीप तट से दक्षिणपश्चिम लगभग 355 किलोमीटर, गोपालपुर से दक्षिणपश्चिम 320 किलोमीटर और आंध्र प्रदेश के कलिंगपटनम से दक्षिणपश्चिम 315 किलोमीटर तक पहुंच चुका है।

चेतावनी जारी

चेतावनी जारी

आईएमडी ने यह भी चेतावनी जारी की, कि चक्रवाती तूफान कलिंगपटनम एवं पारादीप के बीच से होते हुए उत्तरी आंध्र प्रदेश और ओडिशा में प्रवेश करेगा तथा शनिवार शाम तक ओडिशा के गोपालपुर पहुंच जाएगा। आईएमडी के मुताबिक चक्रवाती तूफान फेलिन 210 से 220 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से आगे बढ़ रहा है।

काफी बड़ा तूफान

काफी बड़ा तूफान

यह काफी बड़ा तूफान है और इसके शाम छह से आठ बजे के बीच तट तक पहुंचने की संभावना है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के भीतर तटीय ओडिशा, तटीय आंध्र और पश्चिम बंगाल में कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना जताई है।

वर्तमान स्थिति

वर्तमान स्थिति

भारतीय मौसम विभाग ने कहा कि फेलिन गोपालपुर से 260 किलोमीटर दक्षिण पूर्व और पारादीप से 300 किलोमीटर दक्षिण पूर्व में स्थित है।

फेलिन

फेलिन

चक्रवाती तूफान फेलिन उत्तरी आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटों पर शनिवार शाम तक पहुंच जाएगा।

220 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार

220 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार

आईएमडी के मुताबिक चक्रवाती तूफान फेलिन 210 से 220 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से आगे बढ़ रहा है।

राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल

राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल

राहत एवं बचाव अधिकारी संकटग्रस्त क्षेत्रों में पहुंचकर काम शुरू कर चुके हैं।

असुरक्षित स्‍थान पर जायें

असुरक्षित स्‍थान पर जायें

यदि आप किसी असुरक्षित स्‍थान पर हैं, तो तुरंत सरकार द्वारा बनाये गये साइक्‍लोन शेल्‍टर में जायें।

आवासों से दूसरे

आवासों से दूसरे

चक्रवाती तूफान फेलिन के कारण ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों से तीन लाख से अधिक लोगों को सुरक्षा कारणों से उनके आवासों से दूसरे स्थानों पर पहुंचाया गया है।

तटीय इलाकों में तूफान

तटीय इलाकों में तूफान

दोनों राज्यों के तटीय इलाकों में तूफान के पहले भारी वर्षा हो रही है और तेज हवाएं चल रही हैं। ओडिशा और तटीय आंध्र के लिए चेतावनी जारी करते हुए भारतीय मौसम विभाग ने कहा है कि फेलिन गोपालपुर से 260 किलोमीटर दक्षिण पूर्व और पारादीप से 300 किलोमीटर दक्षिण पूर्व में स्थित है।

हवाओं की गति 70-80 किलोमीटर प्रतिघंटा

हवाओं की गति 70-80 किलोमीटर प्रतिघंटा

ओडिशा-आंध्र के तटीय क्षेत्रों में हवाओं की गति 70-80 किलोमीटर प्रतिघंटा पहुंच गई है। दोपहर तक इसके 100-150 किलोमीटर प्रति घंटा और शाम को तूफान के तट पर पहुंचने पर 210-235 किलोमीटर प्रतिघंटा होने की संभावना है।

तीन लाख लोग सुरक्षित

तीन लाख लोग सुरक्षित

ओडिशा राज्य के विशेष राहत आयुक्त प्रदीप कुमार महापात्रा ने कहा कि लगभग तीन लाख लोगों को अब तक सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है और अगले कुछ घंटों में और अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचा दिया जाएगा।

नुकसान होने की आशंका

नुकसान होने की आशंका

तूफान से ओडिशा के गंजाम, खुर्दा, पुरी और जगतसिंहपुर तथा आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम, विजयनगरम और विशाखापट्टनम जिलों में सबसे अधिक नुकसान होने की आशंका है। आंध्र प्रदेश के 64,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

तटीय आंध्र

तटीय आंध्र

रेलवे ने तटीय आंध्र की सभी रेल सेवाओं को रद्द कर दिया है। आंध्र और ओडिशा के बीच भी सेवाएं रद्द कर दी गई हैं। विशाखापट्टनम और भुवनेश्वर के बीच हवाई सेवा भी रोक दी गई है।

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