प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी शीतकालीन सत्र में इन विधेयकों को पास कराने में चुनौती
नई दिल्ली। 16वीं लोकसभा के शुरू हुए इस शीतकालनी सत्र में भाजपा की सरकार के पास एक चुनौती लंबित विधेयकों को पास कराना होगी। दरअसल, नरेंद्र मोदी के धुआंधार दावों के बल पर भाजपा केंद्र में बहुमत पाई है उसमें जन-उम्मीदों का अंबार है। इसके लिए समाज कल्याण से जुड़े कानूनों को पास कराकर सुधारात्मक कदम उठाने के कदम से भाजपा समाज को एक अच्छा संकेत दे सकती है। फिलहाल संसद में 67 विधेयक लंबित हैं। इसमें ऐसे भी विधेयक हैं जिन पर भाजपा को कड़ा विरोध झेलना पड़ेगा।

इनसे जाएगा अच्छा संदेश
11 कानून ऐसे हैं जो सिर्फ स्वास्थय औऱ परिवार कल्याण से जुड़े हैं। अगर यह पास करा दिए गए तो भाजपा समाज की उम्मीदों पर खरी उतरने में काफी हद तक सफल हो सकती है। दरअसल, स्वास्थ्य औऱ परिवार कल्याण के अलावा मानसिक स्वास्थ्य, मेडिसिन सेक्टर और एचआईवी की रोकथाम से संबंधित हैं।
इन बिलों को पास कराना होगा आसान
बाल श्रम (निषेध और नियमन) बिल 2012 लोकसभा में लंबित है। इसको पास कराना भाजपा के लिए आसान हो सकता है। क्योंकि इस मुद्दे पर विपक्ष की ओर से सहयोग मिलने की आशंका है। वहीं दूसरी ओर भवन निर्माण क्षेत्र से जुड़े कामगारों के लिए 2013 में लाया गया विधेयक अब भी लंबित है, जिसे पास कराने के लिए भी भाजपा को ज्यादा मुश्किलें नहीं आएंगी।
सरकार को इन पर झेलना पड़ सकता है विरोध
बीमा में एफडीआई लाने के लिए बिल, भूमि अधिग्रहण संशोधन बिल, वस्तु एवं सेवा कर बिल पास कराने के लिए भाजपा सरकार को विरोध का सामना करना पड़ सकता है। यह विधेयक भाजपा के लिए पास कराना मुश्किल काम होगा। दरअसल, इन विधेयकों को लेकर राज्य सरकारों और विपक्षी पार्टियों में पिछले कुछ सालों से मतभेद हैं। जिनका समाधान हुए बगैर यह विधेयक पास होना नामुमकिन सा लग रहा है।












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