पेगासस जासूसी मामले पर पीएम मोदी और अमित शाह दें जवाब: संजय राउत
नई दिल्ली, 19 जुलाई: दुनियाभर के कई देशों के पत्रकारों के एक कंसोर्टियम ने खुला किया है कि दस से ज्यादा देशों के हजारों लोगों के फोन इजराइली सॉफ्टवेयर पेगासस की मदद से टैप किए गए हैं। इसमें भारत का भी नाम है। भारत में पत्रकारों, जजों, राजनेताओं और बड़े कारोबारियों के फोनों की जासूसी की गई है। इसको लेकर केंद्र सरकार सवालों के घेरे में आ गई है। कई विपक्षी दलों ने इस पर सरकार से जवाब मांगा है। वहीं शिवसेना ने कहा है कि मामले पर प्रधानमंत्री और गृहमंत्री की ओर से सफाई दिए जाने की जरूरत है।
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शिवसेना के प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने सोमवार को कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को स्पाईवेयर पेगासस के जरिए पत्रकारों, नेताओं और दूसरे लोगों की जासूसी किए जाने के मुद्दे पर स्पष्टीकरण देना चाहिए। इससे लोगों के बीच एक डर का भय का माहौल है, ये दिखाता है कि देश की सरकार और प्रशासन कमजोर है। विदेशी कंपनी हमारे लोगों के फोन कॉल सुन रही हैं तो यह एक गंभीर मुद्दा है।
राउत ने कहा कि उन्होंने राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे से भी इस बारे में बात की है। इस मामले को संसंद के भीतर भी उठाया जाएगा। राउत ने कहा कि इसमें हैरानी की कोई बात नहीं होगी अगर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का फोन भी टैप किया जा रहा हो।
क्या है मामला?
वॉशिंगटन पोस्ट और द गार्जियन अखबार ने एक रिपोर्ट जारी की है। इसमें कहा गया है कि इसराइल में तैयार साफ्टवेयर पेगासस के जरिए भारत के दो केन्द्रीय मंत्रियों, 40 से अधिक पत्रकारों, विपक्ष के तीन नेताओं, सुप्रीम कोर्ट के एक जज, कुछ मानवाधिकार कार्यकर्ता और कई बड़े कारोबारियों के फोन की जासूसी की जा रही थी। हालांकि सरकार ने रिपोर्ट को खारिज कर दिया है।












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