कश्‍मीरी पंडितों के मुद्दे पर अलगाववादियों के साथ जा मिलीं सीएम मुफ्ती!

श्रीनगर। जम्‍मू कश्‍मीर लिबरेशन फ्रंट यानी जेकेएलएफ के लीडर और अलगाववादी नेता यासीन मलिक ने कहा है कि वह किसी भी कीमत पर कश्‍मीरी में कश्‍मीरी पंडितों की वापसी के लिए जमीन अलॉट करने नहीं देंगे। पिछले दिनों महबूबा मुफ्ती की अगुवाई वाली पीडीपी सरकार ने कुछ इसी तरह की बात कही है।

चीफ गेस्‍ट यासीन मलिक

मलिक ने एक तरफ तो यह कहा कि वह घाटी में पंडितों की वापसी का समर्थन करते हैं लेकिन उनके लिए अलग से एक टाउनशिप का समर्थन नहीं करते हैं। मलिक ने यह बात जेके यूथ काउंसिल की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कही।

पाकिस्‍तान जाकर हाफिज सईद के साथ मुलाकात करने वाले यासिन मलिक को इस कार्यक्रम में चीफ गेस्‍ट के तौर पर इनवाइट किया गया था।

मुसलमानों के साथ ही रहना होगा

मलिक ने साफ कहा कि कश्‍मीरी प‍ंडितों को अलग से रहने के लिए कोई जगह नहीं मिलेगी बल्कि उन्‍हें मुसलमानों के साथ ही रहना होगा। मलिक ने कहा कि अगर ऐसा होता है तो फिर घाटी में एक नई समस्‍या पैदा हो जाएगी।
इन दिनों उधमपुर के कई कैंपों में जीवन बिताने को मजबूर हैं। लेकिन मलिक की मानें तो कश्‍मीरी पंडित उन्‍हें घाटी में स्थित उनके घरों को छोड़ने के लिए कतई मजबूर नहीं किया गया था।

पीडीपी का रुख

मलिक ने तो यहां तक कह दिया है कि कश्‍मीरी पंडितों को अलग जमीन देने की वकालत करने वाले लोगों को दूसरे राज्‍यों में मौजूद उनके लोगों से मिलना चाहिए। आपको बता दें कि पिछले दिनों पीडीपी ने साफ कर दिया है कि सरकार की ओर से घाटी में कश्‍मीरी पंडितों को अलग जगह नहीं दी जाएगी। कहीं न कहीं पीडीपी और मलिक इस मुद्दे पर एक साथ आ गए हैं।

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