5,000 रुपए में नेपाल के रास्ते पाकिस्तान से भारत पहुंचते हैं आतंकी
नई दिल्ली। भारत का पड़ोसी राज्य नेपाल जो अभी अपने आतंरिक हालातों से परेशान है, अपराधियों के लिए एक पसंदीदा जगह बना हुआ है। जो भी अपराधी भारत आना चाहता है या फिर पाकिस्तान जाना चाहता है, नेपाल उसकी लिस्ट में नंबर वन है।

नेपाल अब एक ऐसे रूट में तब्दील हो गया है जिसे अपराधी सबसे ज्यादा चुनते हैं। अलग-अलग केसों में हुई जांच में जो बात सामने आई है उस पर अगर यकीन करें तो सिर्फ 5,000 रुपए अदा करके कोई भी अपराधी नेपाल के रास्ते पाकिस्तान में दाखिल हो सकता है।
भारत से लगी नेपाल की सीमा का प्रयोग करते हुए आप नेपाल में दाखिल हो सकते हैं। इसके लिए आपको सिर्फ 5,000 रुपए ही अदा करने होंगे। पाक से आने वाला आतंकी साधारणतौर पर लाहौर और दोहा के लिए अपनी फ्लाइट लेता है।
यहां से वह काठमांडू पहुंचता है। वहां पर रुक कर वह उस दिन या फिर अगले दिन तक बाकी लोगों के संपर्क में आ जाता है। 5,000 रुपए अदा करने पर उसे बाइक की मदद से भारत में दाखिल करा दिया जाता है।
बॉर्डर पर आने के बाद वह बस लेकर अपनी डेस्टिनेशन तक पहुंच जाता है। इंटेलीजेंस ब्यूरों की मानें तो इस बारे में उनके पास अभी कोई जानकारी नहीं है। लेकिन उन्होंने इस मुद्दे को नेपाल के अधिकारियों के सामने रखा है।
गुजरात एटीएस की ओर से नेपाल बॉर्डर पर बुधवार को एक अहम गिरफ्तारी हुई है। इसी गिरफ्तारी के तहत इस बात का खुलासा हुआ है। जिन दो लोगों को एटीएस ने गिरफ्तार किया है उस पर भरूच में दो बीजेपी नेताओं की हत्या को अंजाम देने का आरोप है।
इस गिरफ्तारी के साथ ही यह बात भी सामने आई कि कैसे नेपाल अब धीरे-धीरे अपराधियों के लिए एक पसंदीदा रास्ता बन गया है। भारत से बचकर पाक जाने की फिराक में बैठे आतंकी और अपराधियों के लिए नेपाल के रास्ते वरादान साबित होते हैं।
नेपाल हमेशा से ही भारत के लिए सुरक्षा संबंधी चिंताओं की एक बड़ी वजह रहा है। कई वर्षों से नेपाल आतंकियों और अपराधियों के लिए सुरक्षित जगह साबित हो रहा है। कई तरह के इंतजाम करने के बाद भी यह सिलसिला नहीं रुक रहा है।
दोनों देशों के बीच इन चिंताओं को दूर करने के लिए हॉटलाइन भी स्थापित की गई लेकिन फिर भी समस्या जस की तस बनी हुई है।
भारत में मौजूद मुसलमान चरमपंथियों के साथ ही साथ हिंदु चरमपंथियों को भी नेपाल में जगह मिलती है। उत्तर प्रदेश के रामपुर में सीआरपीएफ कैंप पर हमले के बाद यह बात सामने आई थी कि नेपाल सीमा का प्रयोग कर आतंकी उत्तर प्रदेश में दाखिल हुए थे। इसके बाद उन्होंने रामपुर में आतंकी हमले को अंजाम दिया था।
नेपाल सीमा पर जारी जाली नोटों के कारोबार की बात भी अपराधियों ने कुबूल की है। इसके अलावा दाऊद इब्राहिम गैंग ने भी कई बार नेपाल के रास्ते का प्रयोग अपनी साजिश को अंजाम देने के लिए किया था।
डी गैंग के ऑपरेटिव राशिद मालाबारी जिसको वरुण गांधी की हत्या की जिम्मेदारी गैंग की ओर से दी गई थी, माना जाता है कि वह नेपाल के रास्ते होता हुआ पाक चला गया।












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