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Pawan Hans Helicopter Crash: उड़ान के 45 मिनट बाद समुद्र में क्रैश हुआ हेलीकॉप्टर, जानें कैसे हुआ हादसा?

Pawan Hans Helicopter Crash: झारखंड के चतरा में हुए एयर एम्बुलेंस क्रैश में सात लोगों की दर्दनाक मौत से देश उबर भी नहीं पाया था कि अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के मायाबंदर क्षेत्र में मंगलवार, 24 फरवरी 2026 की सुबह एक बड़ा विमान हादसा होते-होते टल गया।

पोर्ट ब्लेयर (श्री विजय पुरम) से उड़ान भरने वाला पवन हंस का एक हेलीकॉप्टर तकनीकी खराबी के कारण रनवे से महज 300 मीटर पहले समुद्र में गिर गया।

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राहत की बात यह रही कि हेलीकॉप्टर में सवार एक बच्चे और महिला समेत सभी सात लोग सुरक्षित बचा लिए गए हैं। विस्तार से जानिए कैसे हुआ हादसा, किन गलतियों से 7 लोगों का जीवन खतरे में आ गया...

Pawan Hans Helicopter Crash Reason: कैसे हुआ हादसा?

अब तक मिली जानकारी के मुताबिक, हेलीकॉप्टर में पांच यात्री और दो पायलट सवार थे। यात्रियों में तीन पुरुष, एक महिला और एक बच्चा शामिल थे। यह उड़ान तय कार्यक्रम के तहत पोर्ट ब्लेयर (श्री विजयपुरम) से मायाबंदर के लिए रवाना हुई थी।

प्रारंभिक जांच और आधिकारिक बयानों के मुताबिक, हेलीकॉप्टर ने श्री विजय पुरम (पोर्ट ब्लेयर) से सुबह 8:45 बजे अपनी निर्धारित समय पर उड़ान भरी। इसे मायाबंदर में लैंड करना था। हालांकि सुबह 9 से 9:30 बजे के बीच उड़ान के दौरान ही पायलट को विमान में कुछ 'तकनीकी खराबी' (Technical Snag) का अहसास हुआ।

पायलट ने लैंडिंग के लिए मायाबंदर हवाई पट्टी का रुख किया। जब हेलीकॉप्टर मायाबंदर रनवे से मात्र 300 मीटर की दूरी पर था, तभी स्थिति बेकाबू हो गई। पायलट ने समझदारी दिखाते हुए हेलीकॉप्टर को जमीन पर क्रैश होने देने के बजाय उसे सुरक्षित तरीके से समुद्र में उतारने (Ditching/Crash-landing) का फैसला किया। पानी में लैंडिंग के तुरंत बाद बचाव दल सक्रिय हुआ और डूबते विमान से सभी यात्रियों को बाहर निकाला गया।

फिलहाल जो जानकारी सामने आई है, उसके अनुसार हादसे की मुख्य वजह तकनीकी खराबी मानी जा रही है। हालांकि, यह अभी प्रारंभिक निष्कर्ष है। जांच एजेंसियां हेलीकॉप्टर की पूरी तकनीकी जांच करेंगी और यह देखा जाएगा कि क्या इंजन, कंट्रोल सिस्टम या किसी अन्य हिस्से में खराबी आई थी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि यह खराबी मेंटेनेंस से जुड़ी थी या अचानक आई किसी तकनीकी समस्या की वजह से हेलीकॉप्टर को समुद्र में उतारना पड़ा।

Mayabunder Sea Landing के वक्त कौन-कौन था सवार?

हेलीकॉप्टर में कुल सात लोग सवार थे। इनमें दो पायलट और पांच यात्री शामिल थे। बचाए गए यात्रियों की पहचान रजिता देवी, उनके शिशु कमल च. दास, सिप्रा साहा और नांबी अम्मा के रूप में हुई है। सभी को एहतियातन डॉ. आरपी अस्पताल, मायाबंदर में भर्ती कराया गया है, जहां मेडिकल टीम उनकी निगरानी कर रही है। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि दोनों पायलट भी पूरी तरह सुरक्षित हैं।

इन सभी को मायाबंदर स्थित डॉ. आरपी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सिविल एविएशन डायरेक्टर नितेश रावत ने पुष्टि की है कि सभी यात्री सुरक्षित हैं और फिलहाल डॉक्टरों की निगरानी में हैं। प्रशासन उन्हें बेहतर इलाज के लिए वापस पोर्ट ब्लेयर लाने की तैयारी कर रहा है।

जांच के घेरे में पवन हंस, DGCA ने क्या कहा?

पवन हंस के प्रवक्ता ने इसे 'शॉर्ट लैंडिंग इंसिडेंट' करार दिया है। हालांकि, नागरिक उड्डयन विभाग ने इस मामले में उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी है। जांच के लिए क्या उड़ान से पहले हेलीकॉप्टर का पर्याप्त मेंटेनेंस चेक हुआ था? पवन हंस के हेलीकॉप्टरों की उम्र और उनकी सुरक्षा ऑडिट पर भी सवाल उठ रहे हैं।

पवन हंस के प्रवक्ता ने घटना पर पहला विस्तृत बयान देते हुए कहा कि मंगलवार सुबह करीब 9.30 बजे हेलीकॉप्टर को मायाबंदर के पास शॉर्ट लैंडिंग करनी पड़ी। प्रवक्ता के मुताबिक, हेलीकॉप्टर पोर्ट ब्लेयर से दो क्रू मेंबर और पांच यात्रियों को लेकर उड़ा था। सभी को सुरक्षित बचा लिया गया है और किसी को चोट नहीं आई है।

उन्होंने यह भी कहा कि सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया गया और स्थानीय प्रशासन ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया। एएनआई के अनुसार, अधिकारियों ने यात्रियों और क्रू की सुरक्षा सुनिश्चित की। इस बीच, नागरिक उड्डयन अधिकारी अब हेलीकॉप्टर के तकनीकी डेटा, उड़ान रिकॉर्ड और पायलटों के बयान की जांच कर रहे हैं, ताकि यह साफ़ हो सके कि उड़ान के दौरान किस तरह की तकनीकी खराबी आई थी।

एक दिन पहले झारखंड में हुआ था बड़ा विमान हादसा

गौरतलब है कि यह घटना ऐसे समय में हुई है, जब एक दिन पहले ही झारखंड के चतरा जिले में एक एयर एंबुलेंस विमान हादसे का शिकार हो गया था, जिसमें सभी सात लोगों की मौत हो गई थी। DGCA के मुताबिक, यह विमान रांची से दिल्ली मेडिकल इवैक्यूएशन फ्लाइट पर था, लेकिन उड़ान के कुछ समय बाद उसका संपर्क टूट गया और बाद में वह दुर्घटनाग्रस्त पाया गया।

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