'पति मुस्लिम-पत्नी हिंदू' कहकर पासपोर्ट अफसर ने की महिला से बदसलूकी, विदेश मंत्रालय ने मांगी रिपोर्ट
राजधानी लखनऊ के रतन स्क्वायर में पासपोर्ट सेवा केंद्र में बुधवार को तन्वी सेठ नाम की महिला पासपोर्ट बनवाने गई थी। महिला का आरोप है कि पासपोर्ट अधीक्षक विकास मिश्र ने दूसरे धर्म के युवक से शादी करने पर उन्हें खूब शर्मिंदा किया और उनका पासपोर्ट भी खारिज किया।

लखनऊ। दूसरे धर्म में के युवक से शादी करने पर पासपोर्ट ऑफिस में मजाक बनाए जाने से नाराज महिला ने न्याय की मांग की है। धर्म के नाम पर अपमान किए जाने से आहत हुई एक महिला ने पीएम मोदी और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से ट्विटर के जरिये न्याय की गुहार लगाई है। दरअसल राजधानी लखनऊ के रतन स्क्वायर में पासपोर्ट सेवा केंद्र में बुधवार को तन्वी सेठ नाम की महिला पासपोर्ट बनवाने गई थी। महिला का आरोप है कि पासपोर्ट अधीक्षक विकास मिश्र ने दूसरे धर्म के युवक से शादी करने पर उन्हें खूब शर्मिंदा किया और उनका पासपोर्ट भी खारिज किया। इतना ही नहीं पासपोर्ट अधीक्षक ने उन्हें शादी के बाद अपना नाम नहीं बदलने पर भी खूब सुनाया।

पासपोर्ट अधिकारी ने किया बुरा बर्ताव
इस घटना से दुखी तन्वी ने पीएम मोदी और सुषमा स्वराज से न्याय की मांग की है। तन्वी ने अपने ट्वीट में लिखा है कि, 'लखनऊ पासपोर्ट ऑफिस में विकास मिश्रा द्वारा धर्म के नाम पर किS अपमानजनक व्यवहार से मुझे बहुत पीड़ा हुई है।' तन्वी सेठ ने 2007 में मुस्लिम युवक अनस सिद्दकी से शादी की थी। उनकी छह साल की बेटी भी है। तन्वी का आरोप है कि जिस समय पासपोर्ट अधीक्षक उन्हें धर्म के नाम पर अपमानित कर रहे थे, उस दौरान उनके साथी कर्मचारियों ने भी उनपर कई अपमानजनक बातें बोलीं।

मुस्लिम पति को कहा हिंदू धर्म अपनाने के लिए
तन्वी ने कहा, विकास मिश्रा कागज देखने के बाद दूसरे धर्म में यानि मुस्लिम से शादी करने के बारे में सवाल जवाब करने लगे। उन्होंने उनके पति अनस से भी बदतमीजी से बात की। उन्होंने अनस को अपना धर्म छोड़ हिंदू धर्म में अपनाने के लिए कहा। इतना ही नहीं, उन्होंने दोनों को एक की उपनाम रखने की नसीहत भी दे डाली।

विदेश मंत्रालय ने मांगी रिपोर्ट
मामले को तूल पकड़ता देख एपीओ विजय द्विवेदी ने ऑफिस की तरफ से माफी मांगते हुए उनसे लिखित में शिकायत मांगी है। दूसरी तरफ रीजनल पासपोर्ट अफसर पीयूष वर्मा ने मामले की जानकारी न होने की बात कही है।
सुषमा स्वराज के अतिरिक्त निजी सचिव विजय द्विवेदी ने इस मुद्दे को देखने के लिए एएमईए में पासपोर्ट, वीजा और विदेशी भारतीय मामलों के सचिव डीएम मुलाय से रिपोर्ट मांगी है।












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