सेना के फंड को लेकर सरकार की आलोचना, संसदीय समिति ने सौंपी रिपोर्ट
नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी नेता मेजर जनरल(रि.) बीसी खंडूरी की अध्यक्षता में बनी कमिटी ने मंगलवार को संसद में अपनी रिपोर्ट पेश कर दी। इस रिपोर्ट में सेना के आधुनिकीकरण को लेकर काफी चिंता जताई गई है। सरकार ने सेना के आधुनिकीकरण के लिए 21,338 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। जिस पर जानकारों का कहना है कि ये काफी कम है।

कमिटी ने मंगलवार को सौंपी रिपोर्ट
कमिटी द्वारा मंगलवार को संसद में पेश की गई रिपोर्ट में कहा गया है कि 'हमें इस निराशाजनक हालात(सेना का बजट) की जानकारी मिलने से निराशा हुई। हमारी सेनाओं के ही प्रतिनिधियों ने खुद स्पष्ट किया है कि पर्याप्त फंड नहीं होने के कारण किस तरह के नेगेटिव परिणाम सामने आ सकते हैं।'

नेट डिफेंस बजट 2018-19 के लिए 2.79 लाख करोड़ रुपए आवंटित किए गए
बता दें, इस बार नेट डिफेंस बजट 2018-19 के लिए 2.79 लाख करोड़ रुपए आवंटित किए गए थे, जो GDP का केवल 1.49 फीसदी है। यह आंकड़ा चीन के साथ 1962 में हुई जंग के बाद सबसे कम बताया जा रहा है। आधुनिकीकरण सेना के पास सामान्य तौर पर उसके हथियारों और उपकरणों का 30 % स्टेट-ऑफ-द-आर्ट टेक्नॉलजी कैटिगरी, 40 % करंट टेक्नॉलजी और 30 % विंटेज कैटिगरी का होना चाहिए। लेकिन सेना के लिए चिंता की बात है क्योंकि 12 लाख जवानों से भी बड़ी भारतीय सेना के पास 8% स्टेट-ऑफ-द-आर्ट, 24% करंट और 68% विंटेज कैटिगरी के हथियार मौजूद हैं।

सेना के आधुनिकीकरण के लिए 21,338 करोड़ रुपये की राशि आवंटित किए गई थी
इस बार सेना के आधुनिकीकरण के लिए 21,338 करोड़ रुपये की राशि आवंटित किए गई थी।। वहीं, सेना की पहले से चल रही उसकी 125 योजनाओं और डील्स के लिए जरूरी 29,033 करोड़ रुपये की किस्तों के लिए भी पर्याप्त धन नहीं है।

बजट से नाराज हैं सेना के जानकार
इस पूरे मामले पर लेफ्टिनेंट जनरल चंद का कहना है कि, 'हमने सेना में मेक इन इंडिया पॉलिसी के लिए भी 25 प्रॉजेक्ट्स की पहचान की है। हालांकि हमारे पास पर्याप्त बजट ही नहीं है कि हम उसे स्पॉर्ट कर सकें।''












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