गृहमंत्री अमित शाह- नागरिकता संशोधन विधेयक से अलग है एनआरसी, देशभर में होगा लागू
नई दिल्ली। आज (बुधवार) संसद के शीतकालीन सत्र का तीसरा दिन है। 18 नवंबर से शुरू हुआ ये सत्र 13 दिसंबर को समाप्त होगा। सत्र के दूसरे दिन कांग्रेस पार्टी ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी की एसपीजी सुरक्षा हटाए जाने का मुद्दा उठाया। इसके अलावा संसद में दिल्ली के बढ़ते वायु प्रदूषण पर भी चर्चा हुई। वहीं भाजपा सांसद गौतम गंभीर ने भी प्रदूषण के मुद्दे को लोकसभा में उठाया। गंभीर ने कहा कि ये बहुत गंभीर मामला है, जरूरी है कि राजनीति से परे जाकर इस पर बात हो।

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नागरिकता संशोधन बिल पर गृहमंत्री ने कहा, हिंदू, सिख, जैन, ईसाई, बौद्ध और पारसी शरणार्थियों को नागरिकता मिल जाएगी। इसलिए ही तो बिल संशोधित करने की जरूरत थी। ताकि जिन शरणार्थियों को पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में धर्म के कारण भेदभाव का सामना करना पड़ता है, उन्हें भारतीय नागरिकता मिल सके। एनआरसी में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है जो कहता है कि इसके तहत किसी अन्य धर्म को नहीं लिया जाएगा। भारत के सभी नागरिक चाहे वे किसी भी धर्म के हों, एनआरसी सूची में शामिल होंगे। एनआरसी नागरिकता संशोधन विधेयक से अलग है।
कश्मीर के हालत पर बोले हुए गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, 'वहां स्थिति सामान्य हो चुकी है। देश-दुनिया में कई तरह की भ्रांतिया इस बारे में फैली हुई है। राज्य में 5 अगस्त के बाद पुलिस फायरिंग की वजह एक भी व्यक्ति की जान नहीं गई है। पत्थरबाजी की घटनाओं में बीते साल के मुकाबले कमी आई है। सभी स्कूल खुले हैं और परीक्षा अच्छे तरीके से ली जा रही हैं। सभी अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्र खुले हैं।'
इसपर भाजपा नेता जेपी नड्डा ने कहा- इसमें कोई राजनीतिक नहीं हो रही है। सुरक्षा वापस नहीं ली गई। गृह मंत्रालय का एक बहुत ही निर्धारित पैटर्न है और एक प्रोटोकॉल है। यह एक राजनेता द्वारा नहीं किया जाता है, यह गृह मंत्रालय द्वारा किया जाता है और खतरे के देखते हुए सुरक्षा दी जाती है और वापस ले ली जाती है।
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