Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Winter Session 2025: नेशनल हेराल्ड FIR पर सरकार और विपक्ष आमने-सामने, ज्ञानेश कुमार को लेकर भी है ये प्लानिंग!

Parliament Winter Session 2025: संसद का शीतकालीन सत्र 1 से 19 दिसंबर तक चलेगा, जहां 19 दिनों में कुल 15 बैठकें निर्धारित हैं। इस दौरान सरकार एटॉमिक एनर्जी बिल सहित करीब 10 नए विधेयक पेश करने की तैयारी में है। वहीं दूसरी ओर, विपक्ष पूरे सत्र में SIR मुद्दे को लेकर सरकार को कड़े अंदाज में घेरने की रणनीति बना रहा है।

शीतकालिन सत्र को लेकर पहले से ही माहौल गर्म हो चुका है। वजह है दो बड़े मुद्दे नेशनल हेराल्ड FIR और चुनाव आयोग की स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) प्रक्रिया। सरकार और विपक्ष दोनों ने अपनी-अपनी रणनीतियां तय कर ली हैं और संकेत साफ हैं कि संसद में अगले कई दिनों तक टकराव का दौर चलता रहेगा।

Parliament Winter Session 2025

विपक्ष का आक्रामक तेवर, SIR पर बना मुख्य मोर्चा

टीएमसी, डीएमके और समाजवादी पार्टी इस बार SIR को लेकर संसद में सरकार को घेरने की तैयारी में हैं। उनका आरोप है कि केंद्र सरकार चुनाव आयोग के काम में दखल दे रही है और वोटर लिस्ट में गड़बड़ियां बढ़ रही हैं। सड़कों पर हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद अब विपक्ष संसद में पूरी ताकत के साथ उतरने वाला है।

विपक्षी दलों का कहना है कि SIR के नाम पर कई राज्यों में बूथों की संख्या बढ़ाई जा रही है, वोटर लिस्ट में बड़े पैमाने पर नाम हटाए या जोड़े जा रहे हैं और यह सब राजनीतिक फायदे के लिए किया जा रहा है।

नेशनल हेराल्ड FIR भी बनेगा गरम मुद्दा

सोनिया गांधी और राहुल गांधी पर दर्ज FIR पर भी विपक्ष हमलावर होगा। कांग्रेस इसे केंद्र की "राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई" बता रही है। वहीं सरकार इसे "कानूनी प्रक्रिया" का हिस्सा कहकर बचाव में खड़ी है। साल के सबसे छोटे सत्र में यह मुद्दा आग में घी डालने का काम करेगा। सोनिा गांधी और राहुल गांधी पर एक नई एफआईआर भी इस मामले को लेकर दर्ज की गई है।

सरकार का रुख सख्त-SIR पर कोई बहस नहीं

केंद्र ने संदेश साफ कर दिया है-SIR संसद में चर्चा का विषय नहीं होगा।सरकार का कहना है कि यह चुनाव आयोग की नियमित प्रक्रिया है, इसे संसद की बहस में खींचना सही नहीं। वरिष्ठ मंत्रियों ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि आयोग पहले ही कोर्ट की गाइडलाइंस के मुताबिक काम कर रहा है। सरकार ये भी बताती है कि बिहार में NDA की बड़ी जीत साबित करती है कि SIR को लेकर विपक्ष का बनाया गया "राजनीतिक मुद्दा" जनता को स्वीकार नहीं।

सत्र छोटा, टकराव बड़ा-10 अहम बिल दांव पर

1 से 19 दिसंबर तक चलने वाले इस सत्र में सरकार 10 बड़े विधेयक पेश करने वाली है। इनमें न्यूक्लियर एनर्जी, हायर एजुकेशन सुधार, कॉर्पोरेट कानून, और सिक्योरिटीज मार्केट से जुड़े बिल शामिल हैं। लेकिन विपक्षी रणनीति और संभावित हंगामे को देखते हुए आशंका है कि कानून बनाने का काम प्रभावित हो सकता है।

शीतकालीन सत्र में 10 बिल पेश होने हैं?

  • एटॉमिक एनर्जी बिल, 2025
  • हायर एजुकेशन कमीशन ऑफ इंडिया
  • नेशनल हाईवे (अमेंडमेंट) बिल
  • कॉर्पोरेट लॉ (अमेंडमेंट) बिल, 2025
  • सिक्योरिटीज मार्केट्स कोड बिल (SMC), 2025
  • मणिपुर गुड्स एंड सर्विस टैक्स (अमेंडमेंट) बिल
  • कांस्टीट्यूशन (131वां संशोधन) बिल, 2025
  • रिपीलिंग एंड अमेंडमेंट बिल, 2025
  • ऑर्बिट्रेशन एंड कॉन्सीलिएशन (अमेंडमेंट) बिल, 2025
  • इंश्योरेंस लॉ (अमेंडमेंट) बिल, 2025

'वंदे मातरम्' की 150वीं वर्षगांठ पर भी जंग के आसार

सरकार इस सत्र में 'वंदे मातरम्' के 150 साल पूरे होने पर व्यापक चर्चा चाहती है। पीएम मोदी पहले ही यह आरोप लगा चुके हैं कि 1937 में कांग्रेस ने गीत की कुछ पंक्तियां हटाईं, जिसने "विभाजन के बीज बोए।" विपक्ष इस मुद्दे को सांप्रदायिक ध्रुवीकरण से जोड़कर देख रहा है, मतलब यहां भी मुकाबला तय है।

बंगाल, तमिलनाडु और यूपी-SIR पर राज्यों का गुस्सा संसद तक

पश्चिम बंगाल में TMC ने SIR को "वोटर लिस्ट से छेड़छाड़" और बूथों की संख्या बढ़ाकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश बताया है। तमिलनाडु में DMK ने खुलकर कहा कि केंद्र SIR को चुनावी दखल का औजार बना रहा है। उधर उत्तर प्रदेश में SP भी SIR में अनियमितताओं को लेकर आक्रामक है और संसद में जोरदार विरोध की तैयारी कर रही है।

SIR ही अकेला मुद्दा नहीं। विपक्ष ने कई और मोर्चे खोल रखे हैं बेरोजगारी, अर्थव्यवस्था की स्थिति, दिल्ली-NCR का बढ़ता प्रदूषण, विदेश नीति पर सवाल और बाढ़ प्रबंधन। यानी संसद में इस बार कई दिशाओं से हमला होगा।

सभी दलों की बैठक में भी SIR छाया रहा

सत्र शुरू होने से पहले हुई सर्वदलीय बैठक में समाजवादी पार्टी और TMC ने SIR पर चर्चा की जोरदार मांग उठाई। JD(U) के संजय झा ने कहा कि बिहार चुनाव के बाद SIR को मुद्दा बनाना बेमानी है, क्योंकि जनता ने स्पष्ट जनादेश दे दिया। RJD के मनोज झा ने इस बयान का कड़ा विरोध किया है।

कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, "यह सबसे छोटा सत्र इसलिए बनाया गया है, क्योंकि सरकार चर्चा से भाग रही है।" कांग्रेस ने मांग की है कि दिल्ली ब्लास्ट, SIR, जलवायु संकट, आर्थिक स्थिति, श्रमिक सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए।

शीतकालीन सत्र में INDIA ब्लॉक CEC पर बड़ा कदम उठा सकता है

संसद के शीतकालीन सत्र में I.N.D.I.A. ब्लॉक मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने पर गंभीरता से विचार कर रहा है। इससे पहले 18 अगस्त को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के घर हुई बैठक में इस मुद्दे पर रणनीति तय की गई थी। बैठक के बाद कांग्रेस, टीएमसी, सपा, DMK, राजद सहित आठ विपक्षी दलों ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर स्पष्ट संकेत दिया कि वे सत्र में CEC के खिलाफ बड़ा राजनीतिक कदम उठा सकते हैं।

टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी ने कहा था कि मौजूदा मानसून सत्र के सिर्फ तीन दिन बचे हैं, जबकि महाभियोग नोटिस के लिए 14 दिन पहले सूचना देना आवश्यक होता है। इसलिए वे यह नोटिस अब शीतकालीन सत्र में देने की तैयारी करेंगे। इस विवाद की शुरुआत तब हुई जब राहुल गांधी ने 7 अगस्त को चुनाव आयोग पर वोट चोरी का आरोप लगाया था, जिसके बाद 17 अगस्त को CEC ज्ञानेश कुमार ने राहुल से इन आरोपों पर हलफनामा देने या देश से माफी मांगने की मांग की थी।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+