शीतकालीन सत्र: आज संसद में सोनिया गांधी ने उठाया CBSE के प्रश्नपत्र का मुद्दा, जानिए और क्या हुआ?
नई दिल्ली, 13 दिसंबर। 20 साल पहले आज ही के दिन संसद पर आतंकी हमला हुआ था, जिसमें देश के कई जवान शहीद हुए थे। 13 दिसंबर, 2001 को हुए आतंकवादी हमले की 20वीं बरसी पर आज संसद में उन्हीं शहीदों के श्रद्धांजली दी गई। सोमवार को संसद की कार्रवाही के 11वें दिन भी सदन में हंगामा देखने को मिला। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सीबीएसई कक्षा 10 के प्रश्न पत्र में 'लैंगिक रूढ़िवादिता' को कथित तौर पर बढ़ावा दिए जाने और 'प्रतिगामी धारणाओं' का समर्थन करने जैसे मुद्दों पर सवाल उठाया।
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इसके इसके अलावा टीएमसी ने भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश और संसद के सदस्य न्यायमूर्ति रंजन गोगोई के खिलाफ राज्यसभा में एक विशेषाधिकार प्रस्ताव पेश किया। इस बीच, निलंबित किए गए 12 सांसदों ने संसद परिसर में गांधी प्रतिमा के पास अपने निलंबन का विरोध जारी रखा। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि संसद का शीतकालीन सत्र 29 नवंबर को शुरू हुआ था और 23 दिसंबर को इसका समापन होगा।
आज सदन में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सीबीएसई कक्षा 10 के प्रश्न पत्र में एक "लैंगिक रूढ़िवादिता" को शामिल करने की निंदा की और मोदी सरकार से माफी की मांग की। शून्यकाल के दौरान इस मुद्दे को उठाते हुए सोनिया गांधी ने आपत्तिजनक प्रश्न को तत्काल वापस लेने और इसे गंभीर चूक बताते हुए समीक्षा की मांग की। वहीं, सोनिया गांधी द्वारा उठाए गए मुद्दों पर स्पष्टीकरण की मांग करते हुए कांग्रेस, द्रमुक, आईयूएमएल, राकांपा और नेशनल कांफ्रेंस के सदस्यों ने सदन से वाकआउट किया।
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इसके अलावा आज लोकसभा में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम को विचार और पारित करने के लिए पेश किया गया था। केंद्र सरकार की तरफ से वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, सरकार इस अधिनियम में सिर्फ कुछ 'लिपिकीय त्रुटि' को ठीक करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि एनडीपीएस (संशोधन) विधेयक, 2021 का एक बहुत ही सीमित उद्देश्य है और इससे सरकार कुछ हासिल नहीं करना चाहती है। बता दें कि सरकार ने छह दिसंबर को लोकसभा में इस विधेयक को पेश किया था।












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