Sansad Mein Aaj Kya Hua: ऑपरेशन सिंदूर पर राजनाथ सिंह ने दिया जवाब, कांग्रेस-TMC के सरकार से तीखे सवाल
Sansad Mein Aaj Kya Hua: मानसून सत्र में पिछले सप्ताह एक दिन भी सदन की कार्यवाही नहीं चल सकी थी। सोमवार को भी सत्र की शुरुआत हंगामे के साथ ही हुई। हालांकि, दोपहर 1 बजे के बाद लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा शुरू हुई और सबसे पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बोले। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को बड़ी सफलता बताते हुए कहा कि अंत में सिर्फ रिजल्ट मायने रखता है। बीजेपी की ओर से विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी सरकार की स्थिति स्पष्ट की। लोकसभा में कांग्रेस पार्टी के डिप्टी लीडर गौरव गोगोई ने सरकार से तीखे सवाल पूछे।
ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा में बीजेपी, कांग्रेस, टीएमसी, एनसीपी (शरद पवार), शिवसेना (यूबीटी) के सांसदों ने अपने विचार रखे। सरकार का पक्ष रखते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय एकता और नागरिकों की सुरक्षा जैसे मुद्दे राजनीति के लिए नहीं होते हैं। दूसरी ओर कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि हम राष्ट्रहित में सरकार के साथ हैं और हमने ऑपरेशन सिंदूर का बिना शर्त समर्थन किया था। हम सरकार से पूछना चाहते हैं कि आखिर किसके दबाव में यह सीजफायर हुआ है।

Sansad Mein Aaj Kya Hua: ऑपरेशन सिंदूर पर हुई चर्चा
⦁ संसद में दिन की शुरुआत हंगामे के साथ ही हुई और लोकसभा की कार्यवाही पहले 12 बजे तक और फिर 1 बजे तक स्थगित करनी पड़ी। हालांकि, इसके बाद सदन सुचारू रूप से चलने लगा, लेकिन बीच-बीच में हंगामे होते रहे। राज्यसभा की कार्यवाही भी हंगामे की वजह से 2 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।
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⦁ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मध्यस्थता के दावों को नकारते हुए कहा कि भारत न कभी दबाव में आया है और न आएगा। उन्होंने कहा, 'आतंकवाद के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर एक निर्णायक लड़ाई है। दुनिया हमारे सैन्य बलों के पराक्रम को सराह रही है।'
Parliament Monsoon Session: JDU सांसद ललन सिंह ने भी लिया चर्चा में हिस्सा
जेडीयू सांसद ललन सिंह ने कहा, 'पीएम मोदी ने दुनिया को संदेश दिया कि हम आतंक के सामने झुकने वाले नहीं है। दुनिया भर ने भारत की ताकत का लोहा माना है। रक्षा मंत्री ने जो बताया वो तो विपक्ष की समझ में आया नहीं। सिर्फ हंगामा खड़ा करना मकसद नहीं होना चाहिए। 6-7 मई की मध्य रात्रि में हमारे सैनिकों ने 9 आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया। मसूद अजगर, मोहम्मद हाफिज रो रहे थे कि काश मैं भी मर जाता।'
कांग्रेस सांसदों ने सरकार से पूछे सीजफायर पर सवाल
कांग्रेस की तरफ से सबसे पहले गौरव गोगोई बोलने के लिए उठे और उन्होंने कहा, 'आपरेशन सिंदूर के वक्त हमने सरकार को बिना शर्त समर्थन दिया था। हम जानना चाहते हैं कि सीजफायर किसके दबाव में हुआ। रक्षा मंत्री कह रहे हैं कि हम युद्ध नहीं चाहते, लेकिन हमारा कहना है कि हम तो युद्ध के लिए तैयार हैं।' कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा, 'अगर पाकिस्तान घुटनों पर था तो सीजफायर क्यों किया? सरकार पीओके को लाने की बात कैसे करेगी? आप दुनिया में घूम रहे थे, तो ऐसी क्या जरूरत हो गई कि अपना पक्ष रखने के लिए प्रतिनिधिमंडल भेजना पड़ा।'
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विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने दिया विपक्ष के आरोपों का जवाब
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा, 'भारत का एक्शन ऑपरेशन सिंदूर तक ही सीमित नहीं है। पाकिस्तान ने जब सीमा रेखा पार की, तो उसे हमने करारा जवाब दिया। पाकिस्तान को हमने पूरी दुनिया में बेनकाब किया है।' विदेश मंत्री ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री और अमेरिका के राष्ट्रपति के बीच पहलगाम हमले वाले दिन से लेकर संघर्ष विराम के ऐलान तक कोई बातचीत नहीं हुई।












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