पेरिस को मिली अनोखी सजा, प्रशासन में महिलाओं की ज्यादा नियुक्ति पर भारी जुर्माना
पेरिस। अक्सर आपने सुना होगा कि सरकार महिलाओं को आगे लाने के लिए प्रयास कर रही है लेकिन कहीं ये नहीं सुना होगा कि महिलाओं को ज्यादा आगे लाने पर किसी विभाग पर जुर्माना लगा दिया गया हो। फ्रांस (France) की राजधानी पेरिस (Paris) में ऐसा ही हुई है। पेरिस में एक अनोखी सजा देते हुए नगर प्रशासन पर 90,000 यूरो (लगभग 80 लाख रुपये) का जुर्माना लगाया गया है। पेरिस नगर प्रशासन पर आरोप है कि उसने प्रशासन में वरिष्ठ पदों पर महिलाओं की ज्यादा नियुक्ति की है।

मामला 2018 का है जब दुनिया में महिलाओं को प्रशासन में ज्यादा प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की जा रही थी पेरिस की मेयर ऐन हिडाल्गो (Anne Hidalgo) ने अपनी वरिष्ठ टीम में 11 महिलाओं और 5 पुरुषों की नियुक्ति की। इस तरह उनकी सीनियर टीम में 69% महिलाएं थी जबकि 31% पुरुष थे। लेकिन ऐसा करने पर उन्हें फ्रांस की राष्ट्रीय सरकार के उस नियम को तोड़ने का दोषी पाया गया है जो देश में लिंग समानता को बढ़ावा देता है।
क्या कहता है नियम ?
फ्रांस के नियम के मुताबिक सभी सरकारी सेवाओं में लिंग समानता के नियम के आधार पर नए पदों पर नियुक्तियों में महिला या पुरुष दोनों को कम से कम 40% प्रतिनिधित्व होना आवश्यक है। पेरिस मेयर ने जो नियुक्तियां की थी उसमें पुरुषों का प्रतिशत 31 ही रह गया था जो लिंग समानता के नियमों के खिलाफ था।
2019 में उन जगहों पर जहां व्यापक रूप से लिंग अंसतुलन नहीं है वहां के लिए एक आम माफी की पेशकश की गई थी। ऐसा समझा जा रहा था कि यह पेरिस के लिए ही है जहां सिटी हाल में महिलाओं की संख्या वरिष्ठ अधिकारियों के मुकाबले में आधी ही है। लेकिन जिस मामले में जुर्माना लगाया गया है वह माफी की तिथि से पहले का है जिसका अर्थ यह है कि पेरिस नगर प्रशासन अभी भी जुर्माने की जद में है।
जुर्माना भरने में खुशी होगी- मेयर
जुर्माने के बाद मंगलवार को नगर काउंसिल की बैठक में मेयर हिडाल्गो ने कहा कि नियुक्तियों से फ्रांस में महिलाओं को सरकार में आवाज बुलंद करने में मदद मिली। उन्होंने कहा कि मुझे जुर्माना भरने में खुशी होगी। उन्होंने आगे कहा "पेरिस में हम इसे सफल बनाने के लिए सब कुछ कर रहे हैं। और मुझे उन महिलाओं और पुरुषों की एक बड़ी टीम पर गर्व है जो साथ मिलकर समानता की ये लड़ाई लड़ रहे हैं।"
कई देशों ने हाल के वर्षों में महिलाओं के लिए अधिक से अधिक राजनीतिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने की कोशिश की है। कुछ शोधकर्ताओं का मानना है कोविड-19 महामारी के दौरान महिला नेताओं ने पुरुष सहयोगियों की तुलना में अच्छा प्रदर्शन किया है।
मेयर बना रहीं फाइन देने की योजना
हिडाल्गो को इस वर्ष की शुरुआत में मेयर के रूप में दूसरे कार्यकाल के लिए फिर से चुना गया था। वे सोशलिस्ट पार्टी की प्रमुख सदस्यों में हैं जिसे हाल के राष्ट्रीय चुनावों में हार का सामना करना पड़ा था।
फाइन को लेकर हिडाल्गो का कहना है कि "वह शहर सरकार में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ, खुद भी लोक सेवा मंत्रालय को जुर्माना देने के लिए एक चेक पेश करने की योजना बना रही हैं।"
फ्रांस की सार्वजनिक सेवा की मंत्री एमेली डी मोंटचेलिन ने ट्विटर पर इस जुर्माने को बेतुका बताया। "मैं चाहती हूं कि 2018 के मामले में पेरिस द्वारा दिया जाने वाला ये जुर्माना महिलाओं के सार्वजनिक सेवा में बढ़ावा देने की मजबूत कार्रवाई के रूप में देखा जाए।" इसके साथ ही उन्होंने मंत्रालय की तरफ से इसका खर्च उठाने का आमंत्रण दिया।












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