परीक्षा पे चर्चा: पीएम मोदी से छात्र ने पूछा- EXAM आते ही बहुत डर लगता है, जानें प्रधानमंत्री का जवाब
परीक्षा पे चर्चा: पीएम मोदी से छात्र ने पूछा- EXAM आते ही बहुत डर लगता है तो जानें क्या मिला जवाब
नई दिल्ली। कोरोनावायरस महामारी के बीच बच्चों की पढ़ाई ऑनलाइन चल रही है ऐसे माहौल में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई पहल करते हुए परीक्षा पे चर्चा का आयोजन किया। जिसमें पीएम मोदी ने फेसबुक लाइव से देश ही नहीं दुनिया भर के बच्चों से बात की और उनके द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब दिए। पीएम मोदी परीक्षा पे चर्चा' कार्यक्रम के जरिए छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से संवाद कर रहे हैं। इस चर्चा की शुरूआत में ही पीएम मोदी से एक छात्र ने पूछा कि परीक्षा आते ही मुझे बहुत डर लगता हैं ऐसे में हमें क्या करना चाहिए।
Recommended Video

पीएम मोदी ने परीक्षा पे चर्चा करते हुए कहा कि परीक्षा से तो मुझे भी डर लगता था लेकिन आज के बच्चे परीक्षा को लेकर अधिक भयभीत रहते हैं। पीएम मोदी ने कहा ये परीक्षा अचानक तो नहीं आती। साल की शुरआत से ही पता रहता है कि परीक्षा होगी लेकिन आपके आस पास एक माहौल बना दिया गया है। जो समाज द्वारा और कभी कभी मां बाप ऐसा माहौल बना देते हैं कि जैसे कोई बड़ी घटना घटने वाली हैं।
पीएम मोदी ने समझाया परीक्षा जिंदगी का कोई आखिरी मुकाम नहीं हैं ये तो जिंदगी का छोटा सा पड़ाव है। हमें दबाव नहीं बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चे पर अगर बाहरी दबाव नहीं बनाया गया तो स्टूडेंट के ऊपर प्रेशर क्रिएट नहीं होगा और छात्र का आत्मविश्वास बढ़ेगा।
पीएम मोदी ने कहा कि इससे बच्चे को अपना सामर्थ नहीं पता चलता है। मां बाप अपने बच्चे की स्ट्रेथ समझते हैं लेकिन आज के मां बॉप इतने वयस्थ है कि वो बच्चों का समय नहीं देते। आज बच्चों का आंकलन उनके मास्क से लिया जाता है। पीएम मोदी ने कहा परीक्षा एक आखिरी मौका नहीं सिर्फ जिंदगी का एक मौका है। उन्होंने कहा परीक्षा को ही जब हम जीवन मरण का प्रश्न बना लेते हैं तो ये भय आता है। पीएम मोदी ने समझाया कि हमें अपने आपको कसौटी पर कसने का मौका तलाशते रहना चाहिए।
पीएम मोदी ने कहा मैं अपना अनुभव बताता हूं, जब मैं मुख्यमंत्री था, जब प्रधानमंत्री बना, तो मुझे भी बहुत कुछ पढ़ना पड़ता है। बहु कुछ सीखना पड़ता है। बहुतों से सीखना पड़ता है। चीजों को समझना पड़ता है। जो मैं क्या करता था जो मुश्किल बातें होती हैं, जिसके निर्णय थोड़े गंभीर होते हैं। मैं मेरे सुबह जो शुरू करता हूं तो कठिन चीजों से शुरू करना पसंद करता हूं। मुश्किल से मुश्किल चीजें मेरे अफसर मेरे सामने लेकर आते हैं, उनको मालूम है कि वो मेरा एक अलग मूड होता है, मैं चीजों को बिलकुल तेजी से समझ लेता हूं, निर्णय कने की दिशा में आगे बढ़ता हूं।












Click it and Unblock the Notifications