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पालघर मॉब लिंचिंग मामले में महाराष्‍ट्र सरकार ने कोर्ट में दायर किया हलफनामा, सीबीआई को जांच सौंपने का किया विरोध

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मुंबई। पिछले दिनों महाराष्‍ट्र के पालघर में हुई साधुओं की निर्मम हत्‍या मामले में सोमवार को महाराष्ट्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष अपना हलफनामा दायर किया। इसके साथ पालगघर मॉबलीचिंग मामले को सीबीआई को हस्तांतरित करने का विरोध किया। राज्य सरकार ने अपने हलफनामे में कहा है कि उसने अनुशासनात्मक जांच के बाद आरोपी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की है।

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बता दें अगस्‍त माह में जूना अखाड़ा के स्वामी अवधेशानंद गिरि ने कहा था कि पालघर में 'साधुओं' की हत्या पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। न्याय नहीं होने के कारण गुस्सा है। सुशांत सिंह राजपूत केस की तरह सीबीआई को इसकी जांच करनी चाहिए। यही धार्मिक समूह और भक्त चाहते हैं। जांच सीबीआई को सौंपी जानी चाहिए। लाखों साधु सन्यासियों और देश की धर्म-प्राण जनता का आह्वान है की पालघर में बर्बरतापूर्वक हुई साधुओं की हत्या की निष्पक्ष जांच सीबीआई द्वारा होनी चाहिए ! देश न्याय चाहता है।

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स्‍वामी अवधेशानंद गिरि का समर्थन करते हुए योग गुरु स्वामी रामदेव ने भी कहा था कि, संत समाज चाहता है अविलंब सीबीआई की जांच होनी चाहिए, निर्दोष निरपराध संतों की बर्बरता पूर्ण हत्याकांड पर पूरे देश की जनता तत्काल न्याय चाहती है। बता दें कि, पिछले हफ्ते पालघर हिंसा मामले में 90 दिनों तक कोई आरोपपत्र दाखिल नहीं किए जाने के कारण एक स्थानीय अदालत ने 28 आरोपियों को जमानत दे दी। 16 अप्रैल को पालघर में भीड़ ने चोरी के शक में दो साधुओं और उनके ड्राइवर पर हमला बोल दिया था। भीड़ ने तीनों को पीट पीटकर मार डाला था।
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English summary
Palghar mob lynching case: Maharashtra govt submits its affidavit before Supreme Court and oppose transfer of the case to CBI
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