पाकिस्तान में पहली बार सेना के खिलाफ विपक्ष एकजुट, सीधे नाम लेकर लगाए गंभीर आरोप
इस्लामाबाद। पाकिस्तान में विपक्ष ने पाक आर्मी (Pakistan Army) पर 2018 के चुनाव में धांधली में शामिल होने का आरोप लगाया है। ये पहली बार है जब पाकिस्तान की दो प्रमुख पार्टियों ने देश के सबसे शक्तिशाली संस्थान पर इस तरह के गंभीर आरोप लगाए हैं। शुक्रवार को पाकिस्तान पीपल्स पार्टी (PPP) के चीफ बिलावल भुट्टो जरदारी ने पाकिस्तान की इमरान सरकार पर हमला बोलते हुए देश के आम चुनावों में सेना के इस्तेमाल को लेकर हमला बोला। इसके पहले पाकिस्तान की प्रमुख विपक्षी पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग (पीएमएल-एन ) के नेता और पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने भी सेना पर निशाना साधा था।

विपक्ष का आरोप है कि 2018 के चुनाव में सेना की मदद से इमरान खान सत्ता में पहुंचे हैं। विपक्ष पहले भी इशारों में सेना पर देश की राजनीतिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाता रहा है। लेकिन ये पहला मौका है जब देश की दो प्रमुख विपक्षी पार्टियों नवाज शरीफ की PML-N और बिलावल भुट्टों की PPP ने खुलेआम सेना पर चुनावों में धांधली करने और एक पार्टी की मदद करने का आरोप लगाया है।
नवाज शरीफ ने भी साधा था निशाना
भ्रष्टाचार के आरोपों में हटाए गए और अभी पिछले साल नवम्बर से लंदन में रह रहे पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने सेना पर पहली बार निशाना पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (PDM) के उद्घाटन सत्र में साधा था। पीडीएम पाकिस्तान के विपक्षी दलों का एक गठबंधन है जो प्रधानमंत्री इमरान खान के विरोध में बनाया गया है। शरीफ ने इस दौरान आरोप लगाया था कि 2018 के चुनावों में सेना ने धांधली कर इमरान खान को सत्ता में पहुंचाया था। नवाज शरीफ ने सेना पर हमला बोलते हुए कहा कि वर्दी में होते हुए राजनीति में हस्तक्षेप करना पाकिस्तान के कानून के तहत देश से गद्दारी है। नवाज शरीफ तीन बार देश के प्रधानमंत्री रह चुके हैं। 2017 में भ्रष्टाचार के मामले में कोर्ट के आदेश पर उन्हें गद्दी छोड़ने पड़ी थी। बाद में नवाज शरीफ जेल भी गए थे। पिछले साल नवम्बर में इलाज कराने के लिए उन्हें लंदन जाने की अनुमित दी गई थी। तब से वे लंदन में ही हैं।
शरीफ के आरोपों के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान तिलमिला गए थे। उन्होंने कहा था कि सेना और खुफिया संस्थाओं को नीचा दिखाकर शरीफ एक खतरनाक खेल खेल रहे हैं। इमरान खान ने चुनावों में किसी तरह की धांधली से इनकार किया था।
बिलावल ने भी सेना को घेरा
नवाज शरीफ के बाद दूसरे विपक्षी दल और कई बार देश की सत्ता संभाल चुकी पार्टी पीपीपी चीफ बिलावल भुट्टो जरदारी ने भी सेना के खिलाफ आरोप लगाए हैं। बिलावल ने कहा कि 2018 के चुनावों में पोलिंग स्टेशन पर सेना को तैनात किया गया था। ऐसा तब भी नहीं हुई जब देश में जनरल जिया और जनरल मुशर्रफ की देश की सत्ता पर कब्जा कर लिया था। पाकिस्तान में छपने वाले डॉन न्यूजपेपर के मुताबिक बिलावल ने कहा कि मैं हैरान हूं कि कैसे आप किसी पोलिंग स्टेशन के अंदर या बाहर सेना के जवान को तैनात कर सकते हैं। भले ही आपने कुछ गलत किया हो या नहीं आप पर आरोप तो लगेंगे ही। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि अगर नवम्बर में होने वाले गिलगिट-बाल्टिस्तान के विधानसभा चुनावों में ऐसा हुआ तो उनकी पार्टी चुप नहीं बैठेगी। पीपीपी किसी को गिलगिट-बाल्टिस्तान के लोगों का वोट नहीं चुराने देगी।
पाकिस्तान ने भारत के विरोध के बावजूद जबरल कब्जा किए गए गिलगिट-बाल्टिस्तान में 15 नवम्बर को विधानसभा चुनाव कराने का ऐलान किया है। इसके साथ ही पाकिस्तान इस क्षेत्र को पूर्ण राज्य का दर्जा देकर देश का 5वां प्रांत बनाना चाहता है। भारत ने इस कदम के विरोध में साफ संदेश देते हुए कहा है कि गिलगिट-बाल्टिस्तान समेत पूरा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत का अभिन्न अंग है और पाकिस्तान को इसकी स्थिति में परिवर्तन करने का कोई वैधानिक दावा नहीं बनता। पाकिस्तान के इस कदम का












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