पाकिस्तान: शहबाज़ शरीफ़ 14 दिन की रिमांड पर, पीएम इमरान के खिलाफ मोर्चा खोलने की सज़ा तो नहीं?
इस्लामाबाद। पाकिस्तान में विपक्षी पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज) PML-N के चीफ शहबाज शरीफ (Shahbaz Sharif) को पाकिस्तान की जवाबदेही अदालत ने मनी लॉण्ड्रिंग के मामले में 14 दिन के लिए हिरासत में भेज दिया। शहबाज शरीफ को एक दिन पहले पाकिस्तान की नेशनल एकाउंटिबिलिटी ब्यूरो (NAB) ने गिरफ्तार किया था। शहबाज शरीफ पर ये कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब हाल ही में सभी विपक्षी पार्टियों ने एकजुट होकर पाकिस्तान पीएम इमरान खान के खिलाफ आंदोलन का आह्वान किया था। इस मौके पर शहबाज शरीफ के भाई और तीन बार देश के प्रधानमंत्री रहे नवाज शरीफ ने पाकिस्तान सेना को भी निशाने पर लिया था।

अदालत में खुद रखा अपना पक्ष
PML-N चीफ और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री शहबाज शरीफ को सोमवार को लाहौर हाईकोर्ट में उस समय गिरफ्तार कर लिया गया था जब आय से अधिक संपत्ति और मनी लॉण्ड्रिंग के मामले में उनकी जमानत अर्जी खारिज कर दी थी। शरीफ पर 700 करोड़ रुपये की मनीलॉण्ड्रिंग का आरोप है। मंगलवार को उन्हें हाईकोर्ट में पेश किया जहां शहबाज में अपने वकील की जगह खुद अपना पक्ष रखने की अनुमति मांगी जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया।
कोर्ट में अपने खिलाफ लगे सभी आरोपों से शहबाज शरीफ ने इनकार किया। उन्होंने कहा कि मेरे खिलाफ मनीलॉण्ड्रिंग के आरोप आधारहीन हैं। मैं व्यापार नहीं करता। मेरे परिजनों ने मेहनत से व्यापार खड़ा किया जिसे मेरे बच्चों को हस्तांतरित कर दिया गया। उन्होंने कोर्ट में कहा कि मैने पंजाब का मुख्यमंत्री रहते हुए जो फैसले किए उनसे मेरे भाई नवाज और उनके (शहबाज) के बेटे को करोड़ों का नुकसान हुआ।
NAB के बहाने विपक्ष को निशाना बना रही सरकार
शहबाज शरीफ ने कोर्ट में कहा कि पीएम इमरान खान और NAB के गठजोड़ ने देश में इस संस्था का मजाक उड़ाया है। पीएम इमरान इसका इस्तेमाल विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के लिए कर रहे हैं। शहबाज शरीफ की दलीलों के बावजूद कोर्ट ने NAB का अनुरोध स्वीकार कर लिया और शरीफ को 14 दिन की हिरासत में भेजने का आदेश दे दिया। कोर्ट ने 13 अक्टूबर को शहबाज को फिर से अदालत में पेश किए जाने को कहा है।
नवाज शरीफ ने किया हिरासत का विरोध
लंदन में रह रहे पाकिस्तान के पूर्व पीएम नवाज शरीफ ने भाई शहबाज को हिरासत में भेजे जाने का विरोध किया है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि इमरान सरकार ने नाइंसाफी के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं लेकिन हम इसके आगे झुकेंगे नहीं।
पाकिस्तान पीपल्स पार्टी (PPP) के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी ने भी हिरासत की निंदा करते हुए कहा कि विपक्षी दलों द्वारा गठबंधन के बाद से ही इमरान सरकार परेशान है।












Click it and Unblock the Notifications