पाकिस्तान इंटेलीजेंस एजेंसी ISI के पूर्व चीफ बोले, काश! वाजपेयी होते हमारे प्रधानमंत्री
पाकिस्तान के साथ शांति की जो कोशिेशे पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने की थीं, आज तक दोनों देशों के लोग उन्हें याद रखते हैं। इन सबके बीच पाकिस्तान इंटेलीजेंस एजेंसी आईएसआई के पूर्व मुखिया ने तो यहां तक ख्वाहिश जता दी है कि पाकिस्तान में भी कोई पीएम वाजपेयी जैसा होता।
नई दिल्ली। पाकिस्तान के साथ शांति की जो कोशिेशे पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने की थीं, आज तक दोनों देशों के लोग उन्हें याद रखते हैं। इन सबके बीच पाकिस्तान इंटेलीजेंस एजेंसी आईएसआई के पूर्व मुखिया मोहम्मद असद दुर्रानी ने तो यहां तक ख्वाहिश जता दी है कि पाकिस्तान में भी कोई पीएम वाजपेयी जैसा होता। दुर्रानी ने ये बातें एक कार्यक्रम के दौरान कहीं जहां पर भारतीय इंटेलीजेंस एजेंसी रॉ के पूर्व मुखिया एएस दुलात भी मौजूद थे। दुर्रानी और दुलात दोनों ने भारत और पाकिस्तान के इतिहास के अलावा दोनों देशों के भविष्य में होने वाले संबंधों पर भी बात की।

बेहतर पीएम साबित होते वाजपेयी
दुर्रानी और दुलात एक किताब 'द स्पाई क्रॉनिकल्स' की लॉन्चिंग में मौजूद थे। यहां पर दुर्रानी ने अटल बिहारी वाजपेयी की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, 'पाकिस्तान के लोग काफी खुश होते अगर उन्हें वाजपेई जैसा कोई पीएम मिलता। एक कवि और दार्शनिक वाजपेयी पाकिस्तान के लिए बेहतर पीएम साबित होते।' आपको बता दें कि साल 1999 में वाजपेई बस लेकर लाहौर गए थे और इसे आज तक 'लाहौर डिक्लेयरेशन' तौर पर जानते हैं। उस समय नवाज शरीफ पाकिस्तान के पीएम थे जो वर्तमान समय में सत्ता से बाहर हैं।

मोदी और मनमोहन की बातें
दुर्रानी औ दुलात दोनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की विदेश नीतियों पर भी चर्चा की। दुलात ने कहा कि सिंह का दिल तो साफ था लेकिन भारत और पाकिस्तान के बीच मतभेदों को दूर करने के लिए जिस पुल की जरूरत थी उसकी हिम्मत वह अफसरशाही की वजह से नहीं जुटा पाए। वहीं मोदी के बारे में दुलात का कहना था कि वह डिप्लोमैट्स के डर और संकोच को दूर करने में जरा भी हिचक नहीं दिखाते हैं।

मोदी बनेंगे फिर से पीएम
दुर्रानी और दुलात दोनों ने ही यह बात मानी कि मोदी के पास रिश्तों को सुधारने और साहसिक कदम उठाने के लिए अब समय कम है। दुर्रानी की मानें तो अगर मोदी बाद में असफलता को सामने देख दोस्ती का हाथ बढ़ाते हैं, तो फिर कोई उन्हें गंभीरता से नहीं लेगा। दुर्रानी ने यह भी कहा कि पाकिस्तान को लगता है कि मोदी दोबारा भारत के पीएम बनेगे। दुर्रानी ने इस दौरान पाक में बंद भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 'एक सही कीमत पर पाकिस्तान को जाधव को भारत वापस भेज देना चाहिए।












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