Pokhran: पाकिस्‍तान ने राजस्‍थान में परमाणु नगरी पोखरण व फलोदी को भी बनाया निशाना, ड्रोन से हमले की कोशिश

Pakistan air strike Pokhran: पहलगाम हमले के जवाब में भारत की एयर स्ट्राइक 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद पाकिस्तान ने गुरुवार रात को पंजाब, जम्‍मू-कश्‍मीर और राजस्‍थान में कई हमले किए हैं। राजस्‍थान में परमाणु नगरी पोखरण को भी निशाना बनाया है। पोखरण के साथ-साथ फलोदी स्थित सैन्‍य ठिकाने पर भी ड्रोन हमले किए। हालांकि भारतीय वायु रक्षा प्रणाली (Air Defence System) S-400 ने समय रहते इन हमलों को नाकाम कर दिया।

हमले के बाद राजस्‍थान के सरहदी जिलों जैसलमेर, बीकानेर, बाड़मेर और श्रीगंगानगर में रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है। सीमावर्ती गांव-कस्‍बों में ब्लैकआउट लागू कर दिया गया है। प्रशासन ने लोगों से घरों में रहने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

Pakistan air strike Pokhran

ड्रोन हमला और धमाकों से दहशत

मीडिया की खबरों के अनुसार गुरुवार रात जैसलमेर में भारतीय एयर डिफेंस ने पाकिस्तान के ड्रोन को रोक लिया। जैसलमेर में प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आसमान में तेज़ धमाकों की आवाजें सुनी गईं और पूर्व दिशा में चमकती रोशनी दिखाई दी। रात 9 बजे जैसलमेर शहर में ब्लैकआउट के बाद महज़ 5 मिनट में चारों तरफ धमाके होने लगे। करीब 9:10 बजे तक पूरे जैसलमेर शहर के चारों ओर तेज धमाकों की गूंज सुनाई दी, जिससे दहशत का माहौल बन गया।

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न्यूक्लियर सिटी पोखरण: राजस्थान के रेगिस्तान में भारत की रणनीतिक ताकत का गढ़

जैसलमेर, राजस्थान - भारत के परमाणु शक्ति संपन्न प्रतिष्ठानों में से एक, पोखरण (Pokhran), जिसे 'Nuclear City' के नाम से भी जाना जाता है, राजस्थान के जैसलमेर ज़िले में स्थित है। यह शहर न केवल भारत की परमाणु नीति का प्रतीक है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से भी अत्यंत संवेदनशील और सामरिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र है।

परमाणु परीक्षणों का गवाह

पोखरण को भारत ने दुनिया के नक्शे पर उस समय दर्ज कराया जब 1974 में यहाँ पहला परमाणु परीक्षण 'स्माइलिंग बुद्धा' किया गया। इसके बाद 1998 में पोखरण-II (Operation Shakti) के तहत पाँच परमाणु परीक्षणों ने भारत को वैश्विक परमाणु ताकतों की पंक्ति में खड़ा कर दिया।

पोखरण में कब-कब हुए परमाणु परीक्षण?

पहला-18 मई 1974
दूसरा- 11 मई 1998
तीसरा- 13 मई 1998

भू-राजनीतिक दृष्टि से सामरिक स्थिति

पोखरण की स्थिति पाकिस्तान सीमा से क़रीब 100 किलोमीटर के दायरे में है, जिससे यह भारत की सामरिक योजना में एक फॉरवर्ड डिफेंस ज़ोन बन जाता है। यहाँ से पाकिस्तान के अंदर तक निगरानी और जवाबी कार्रवाई की क्षमता बनी रहती है।

पोखरण में सेना की फील्ड फायरिंग रेंज

पोखरण में भारतीय सेना की फील्ड फायरिंग रेंज (Pokhran Field Firing Range) भी स्थित है, जो एशिया की सबसे बड़ी है। यहाँ नियमित रूप से मिसाइल, टैंक और हथियारों की टेस्टिंग की जाती है। DRDO और सेना द्वारा कई अत्याधुनिक हथियार प्रणालियों का परीक्षण भी यहीं होता है।

हालिया हमलों के बाद सतर्कता

हाल ही में पाकिस्तान द्वारा राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों-विशेषकर पोखरण और फलोदी-को निशाना बनाने की कोशिशें इस क्षेत्र की सामरिक अहमियत को और रेखांकित करती हैं। भारतीय वायु रक्षा तंत्र S-400 की सक्रिय तैनाती और लगातार निगरानी इस क्षेत्र की संवेदनशीलता का संकेत है।

सिविल और मिलिट्री के संतुलन की मिसाल

हालाँकि पोखरण एक सामान्य कस्बे की तरह दिखता है, लेकिन इसकी पहचान एक ऐसे शहर के रूप में है जहां आम जनजीवन और उच्च सुरक्षा व्यवस्था साथ-साथ चलते हैं। यहाँ की भौगोलिक बनावट - खुला रेगिस्तान, सीमित जनसंख्या और दूरदराज़ इलाका - इसे एक आदर्श सैन्य परीक्षण स्थल बनाता है।

मिसाइल हमले नाकाम, एयरबेस को बनाया गया था निशाना

इससे पहले गुरुवार रात को पाकिस्‍तान ने जम्‍मू-कश्‍मीर, पंजाब, राजस्‍थान और गुजरात की सीमावर्ती इलाकों में 15 सैन्‍य ठिकानों को निशाना बनाकर हमले किए। भारत सरकार द्वारा जारी आधिकारिक वक्तव्य के अनुसार, पाकिस्तान ने राजस्थान के तीन प्रमुख सैन्य ठिकानों - नाल (बीकानेर), उत्तरलाई (बाड़मेर) और फलोदी एयरबेस पर मिसाइल हमला करने की कोशिश की थी। लेकिन भारतीय एयर डिफेंस सिस्टम ने इन मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया।

सीमा पर पाक की गतिविधियां तेज़, भारत पूरी तरह सतर्क

बॉर्डर पर तनाव बढ़ने के बीच पाकिस्तान ने अपनी एयरफोर्स की गतिविधियां बढ़ा दी हैं और F-16, JF-17 समेत कई एयरक्राफ्ट राजस्थान सीमा के पास तैनात किए हैं। जवाबी तैयारी के तहत भारतीय सेना पहले ही S-400 एयर डिफेंस सिस्टम तैनात कर चुकी है, जिसे तुरंत एक्टिव कर दिया गया।

ब्लैकआउट से लोग सहमे, कई घरों में लाइटें बंद नहीं

ब्लैकआउट के दौरान कई लोगों ने घरों की सभी लाइटें बंद नहीं की थीं, जिससे सुरक्षा एजेंसियों को सख्ती बरतनी पड़ी। धमाकों के बीच लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रशासन की ओर से स्पष्ट निर्देश हैं कि किसी भी हाल में ब्लैकआउट नियमों का पूरी तरह पालन किया जाए।

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