Painkiller medicine: 'बिना पर्चे के नहीं मिलेगी कोई पेनकिलर दवाई', जानिए क्यों लिया गया ये फैसला
Painkillers sale in Delhi: मानसूनी बारिश की आफत के बाद डेंगू जैसी बीमारियों को देखते हुए दिल्ली सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। दरअसल, दिल्ली सरकार के औषधि नियंत्रण विभाग ने राजधानी में बिना डॉक्टर के पर्चे के पेन किलर दवाओं की बिक्री पर रोक लगा दी है।
गुरुवार को आदेश जारी करते हुए औषधि नियंत्रण विभाग ने सभी केमिस्ट एसोसिएशनों से कहा कि डॉक्टर के पर्चे के बिना एस्पिरिन, ब्रुफेन और डाईक्लोफेनाक जैसी गैर-स्टेरायडल एंटी-इंफ्लेमेटरी दवाएं किसी को ना बेचें।

ऑल केमिस्ट एसोसिएशंस ऑफ दिल्ली के अध्यक्ष को लिखी चिट्ठी में औषधि नियंत्रण विभाग ने कहा कि कोई भी फार्मेसी इन दवाओं को तभी बेच सकती है, जब मरीज के पास किसी रजिस्टर्ड डॉक्टर का पर्चा हो। इस बीच लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि आखिर इन दवाओं की सामान्य बिक्री पर रोक क्यों लगाई गई है?
क्या है पेनकिलर को लेकर इस फैसले की वजह?
दरअसल, दिल्ली में हाल ही में हुई भारी बारिश के चलते राजधानी में बने बाढ़ जैसे हालात के बाद डेंगू और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों के मामले बढ़े हैं। आमतौर पर मानसून से पहले और बाद में इन बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ ही जाती है। ऐसे में बिना डॉक्टर की सलाह के पेन किलर लेने से मरीज के खून में प्लेटलेट्स की संख्या घटने का खतरा रहता है और इसीलिए दिल्ली सरकार ने इन दवाओं की बिक्री को लेकर ये फैसला लिया है।
केमिस्ट को रखना होगा एक-एक पेनकिलर का हिसाब
दिल्ली सरकार के औषधि नियंत्रण विभाग की तरफ से जारी आदेश में कहा गया है, 'सभी केमिस्ट बिना डॉक्टर के पर्चे के एस्पिरिन, ब्रुफेन और डाईक्लोफेनाक जैसी पेनकिलर नहीं बेचेंगे। केमिस्ट को इस कैटेगरी में आने वाली सभी पेनकिलर दवाओं का रिकॉर्ड भी रखना होगा। अगर कोई केमिस्ट इस आदेश का उल्लंघन करता हुआ पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा। हेल्थ एक्सपर्ट्स ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि बिना डॉक्टर की सलाह के इन दवाओं का इस्तेमाल डेंगू जैसी बीमारियों के मरीज के लिए नुकसानदायक हो सकता है।'












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