हिमाचल राजभवन में क्यों था पाकिस्तानी झंडा, अब क्यों हटाया गया? इंदिरा गांधी से जुड़ा है किस्सा
Pahalgam Attack: जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद से ही सरकार ने कई एक्शन उठाए हैं। देश में रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों को भारत छोड़ने के लिए कार्रवाई कर रही है।इसी बीच हिमाचल प्रदेश के शिमला स्थित राजभवन के कीर्ति हॉल में रखी गई पाकिस्तानी झंडा को हटा दिया गया है।

राजभवन में क्यों रखा था पाकिस्तानी झंडा?
दरअसल, हिमाचल के शिमला स्थित राजभवन में 3 जुलाई 1972 को भारत की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो के बीच शिमला समझौता हुआ। जिस टेबल पर बैठ कर इस समझौते पर मुहर लगी थी। उस टेबल पर उस वक्त से ही भारत और पाकिस्तान दोनों के झंडे लगे होते थे, लेकिन अब केवल भारतीय झंडा ही वहां मौजूद है।
समझौते की ऐतिहासिक तस्वीर आज भी मौजूद
शिमला राजभवन में चमकदार लकड़ी की टेबल एक ऊंचे लाल रंग के मंच पर स्थित है, जिस पर एक पट्टिका लगी है जिस पर लिखा है। यहां 3-7-1972 को शिमला समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे। यह स्थान पीतल की रेलिंग से घिरा हुआ है।
टेबल के पीछे दो कुर्सियां रखी गई हैं और एक तरफ भारत की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो की समझौते पर हस्ताक्षर करते समय की तस्वीर रखी गई है। टेबल के पीछे दीवार पर 1972 के भारत-पाकिस्तान सम्मेलन की कई तस्वीरें लगी हुई हैं।
इस वजह से हटाया गया झंडा
दरअसल, पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत द्वारा उठाए गए कड़े कदमों के कुछ दिनों बाद पाकिस्तान ने शिमला समझौते को निलंबित कर दिया। इस्लामाबाद ने 50 वर्षों से अधिक समय बाद यह कदम उठाते हुए कहा कि वह 'शिमला समझौते को रोकने का अधिकार रखता है।' इसके बाद समझौते वाली टेबल से पाकिस्तानी झंडा को हटा दिया गया है।
शिमला समझौता क्या है?
16 दिसंबर 1971 को भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) में लड़ाई के बाद 90,000 से अधिक पाकिस्तानी सैनिकों ने आत्मसमर्पण कर दिया था। यह युद्ध दोनों मोर्चों - पूर्वी और पश्चिमी पर दो सप्ताह तक चला और इसके बाद संघर्षविराम हुआ, जिससे युद्ध का अंत और भारत की विजय के साथ बांग्लादेश का जन्म हुआ।
इसके बाद, 3 जुलाई 1972 को भारत की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो के बीच शिमला समझौता हुआ। इसका उद्देश्य था उन संघर्षों और टकरावों को समाप्त करना जो अब तक दोनों देशों के संबंधों को प्रभावित करते रहे हैं, और उपमहाद्वीप में मित्रता, सद्भावना और स्थायी शांति की स्थापना के लिए काम करना।
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शिमला समझौता के तहत लाइन LOC का हुआ निर्माण
इस समझौते के तहत 'लाइन ऑफ कंट्रोल' अस्तित्व में आई, जो दोनों देशों की सेनाओं की स्थिति को चिह्नित करने वाली सीमा है। हालांकि, पाकिस्तान ने इस समझौते का अतीत में कई बार उल्लंघन किया है।












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