Padmavati controversy: कर्नाटक दीपिका के साथ, वो हमारी शान, उसकी खिलाफत बर्दाश्त नहीं- सिद्धारमैया
नई दिल्ली। संजय लीला भंसाली की अपकमिंग फिल्न 'पद्मावती' को लेकर बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है, करणी सेना और राजपूतों का विद्रोह इस हद तक जारी है कि अब ये फिल्म अपनी रिलीज डेट पर रिलीज नहीं होगी। लोगों के निशाने पर केवल फिल्म निर्देशक ही नहीं बल्कि फिल्म के कलाकार दीपिका पादुकोण और अभिनेता रणवीर सिंह भी हैं। लोगों ने तो दीपिका के लिए काफी अपशब्द भी कहे हैं और कुछ लोगों ने दीपिका की नाक काटने और रणवीर सिंह की टांग तोड़ने की बात भी कही है , ये विद्रोह अब राजनीतिक रंग में रंगा जा चुका है, बीजेपी के कुछ नेताओं ने जहां फिल्म के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन को सही ठहराया है वहीं दूसरी ओऱ अब कांग्रेस ने फिल्म वालों का साथ देते हुए बड़ी बात की है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने बवाल को गलत ठहराते हुए बीजेपी को जमकर कोसा है।

कर्नाटक दीपिका के साथ
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने ट्विवटर पर लिखा है कि मैं बीजेपी की इस असहिष्णु संस्कृति का निंदा करता हूं, कर्नाटक दीपिका के साथ खड़ा है, दीपिका हमारे राज्य का एक नामचीन हिस्सा है , मैं हरियाणा के सीएम से अपील करता हूं कि वो दीपिको को धमकी देने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करें।
सोची-समझी साजिश
तो वहीं बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने ट्वीट किया कि 'पद्मावती विवाद दुर्भाग्यपूर्ण ही नहीं बल्कि राजनीतिक दलों की ओर से अभिव्यक्ति की आजादी को खत्म करने की सोची-समझी साजिश है, ये तो सुपर एजेंसी है, पूरी फिल्म इंडस्ट्री को इसके खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठानी चाहिए।

फिल्म 1 दिसंबर को रिलीज नहीं हो रही
मालूम हो कि फिल्म के विरोध को देखते हुए अब फिल्म 1 दिसंबर को रिलीज नहीं हो रही है, फिल्म का विरोध करने वाले करणी सेना के चीफ का कहना है कि फिल्म में राजपूत रानी की गलत छवि पेश की गई है। दीपिका एक नाचने वाली है। अगर फिल्म को रिलीज किया गया तो हम सिनेमाघर जला देंगे। पद्मावती को लेकर देशभर में कई जगह राजपूत संगठन विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। कर्नाटक के बेंगलुरु में भी सेना कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतरकर गुस्सा जाहिर किया।

राजपूतों के मान और सम्मान से कोई खिलवाड़ नहीं हुआ
भंसाली ने ये फिल्म 700 सौ साल पुराने एक इतिहास पर बनाई है, फिल्म में में रानी पद्मावती और अलाउद्दीन खिलजी के रिश्ते को दिखाया गया है, कहा जा रहा है फिल्म खिलजी के एक तरफा प्यार की कहानी कहती है, फिल्म में खिलजी और रानी पद्मावती का एक ड्रीम सिक्वेंस हैं लेकिन फिल्म की स्क्रीनिंग देखने वाले कुछ पत्रकारों का कहना है कि फिल्म में राजपूतों के मान और सम्मान से कोई खिलवाड़ नहीं हुआ है और ना ही अलाउद्दीन खिलजी का महिमा मंडित किया गया है, फिल्म का विरोध अल्पज्ञान की वजह से हो रहा है लेकिन विरोधीगण मानने को तैयार नहीं।












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