पद्मावत के विरोध में एक हुए दिग्विजय सिंह और सुब्रमण्यम स्वामी, मिलाए करणी सेना के सुर में सुर
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नई दिल्ली। संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावत का कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह और भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने भी फिल्म का विरोध किया है, दोनों ने ही ऐसी फिल्मों को गलत कहा है। दोनों नेता गैर-जाहिरा तौर पर करणी सेना के साथ ही सुर मिलाते दिख रहे हैं। भाजपा के कई नेता लगातार खुले तौर पर फिल्म का विरोध कर रहे हैं लेकिन कांग्रेस नेता खुले तौर पर अभी तक कुछ कहने से बच रहे हैं। कई कांग्रेसी नेता जहां भाजपा पर प्रर्दशनकारियों को छूट देने के आरोप लग रहे हैं, वहीं अब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने खुले तौर पर फिल्म को लेकर अपनी नारागी जाहिर की है।

पद्मावत पर दिग्विजय, स्वामी का एक राय
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने पद्मावत को लेकर कहा है कि ऐसी फिल्में जो देश या जाति की भावनाओं को आहत करती हैं, ऐसी फिल्में नहीं बनानी चाहिए। भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी का कहना है कि इस तरह की फिल्में पुराने जख्मों को कुरेदती हैं, इसलिए इस तरह की फिल्में नहीं बननी चाहिए। इस तरह की फिल्मों की ऐतिहासिक वैल्यू क्या है? जीरो। निर्माता कहते हैं कि इसका इतिहास से कुछ लेना-देना नहीं है, तो सवाल उठता है कि फिर आप इसे क्यों बना रहे हैं? स्वामी ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से भी इस मुद्दे पर स्टैंड साफ करने को कहा है।

राहुल ने की करणी सेना के हमले की निंदा
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने करणी सेना के गुरुग्राम में स्कूली बस पर हुए हमले की निंदा की है। बुधवार को बच्चों की स्कूल बस पर पत्थरबाजी पर राहुल गांधी ने कहा कि बच्चों के खिलाफ हिंसा को किसी भी तरीके से जायज नहीं ठहराया जा सकता है। हिंसा और नफरत कमजोरों का हथियार है। आपको बता दें कि पद्मावत फिल्म के विरोध में देश के कई राज्यों में विरोध-प्रदर्शन जारी हैं। राजस्थान, हरियाणा, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों के कस्बों और शहरों में हिंसक प्रदर्शन हुए हैं। राजपूत समूह अभी भी फिल्म का कड़ा विरोध कर रहे हैं। विरोध के चलते गुजरात, राजस्थान, मध्यप्रदेश और गोवा में सिनेमाघर मालिकों ने फिल्म नहीं दिखाने का फैसला किया है। पटना में भी फिल्म की रिलीज को रोक दिया गया है।

गुरुवार को रिलीज हुई है फिल्म
संजय लीला भंसाली निर्देशित इस फिल्म का बजट 190 करोड़ रुपए का है। यह हिंदी, तेलगु और तमिल भाषा में भी रिलीज हो रही है। फिल्म का शूटिंग के वक्त से ही लगातार विरोध हो रहा है। फिल्म की रिलीज रोकने को प्रदेश सरकारें सुप्रीम कोर्ट तक गईं। कोर्ट ने मंगलवार को मध्य प्रदेश और राजस्थान सरकार की पद्मावत फिल्म की रिलीज रोकने की पुनर्विचार याचिका को खारिज कर दिया थी। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर कहा कि हिंसा का हवाला देते हुए राज्य सरकारें अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकती हैं। कोर्ट ने कहा कि फिल्म को हिंसा के आधार पर बैन नहीं किया जा सकता है। कोर्ट के इस फैसले के बाद फिल्म आज (25 जनवरी) को देशभर में रिलीज हो रही है।












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