Happy B'day Ramoji Rao : अनुभव इतना कि जीवंत संस्था बने, 2016 में मिला भारत का दूसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान
Padma Vibhushan Ramoji Rao आज 86 साल के हो गए। गत आठ दशकों में रामोजी राव ने कई ऐसे काम किए जो पीढ़ियों तक मार्गदर्शन करेंगे। जानिए उनके जन्मदिन के मौके पर दिलचस्प बातें। padma vibhushan ramoji rao birth anniversary
Ramoji Rao किसी परिचय के मोहताज नहीं। बिजनेसमैन और मीडिया दिग्गज के रूप में मशहूर 86 वर्षीय इस हस्ती के पास अनुभव का ऐसा खजाना है, मानो ये शख्स एक जीवंत और चलती-फिरती संस्था हो। रामोजी राव को मीडिया और पत्रकारिता जगत में उल्लेखनीय योगदान के लिए करीब 6 साल पहले भारत के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजा जा चुका है। 16 नवंबर को रामोजी राव के 86वें जन्मदिन के मौके पर एक नजर उनसे जुड़े कुछ दिलचस्प बातों पर।

पत्रकारिता और मीडिया जगत में योगदान
2016 में, साहित्य, पत्रकारिता और मीडिया जगत में योगदान के लिए तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने रामोजी राव को पद्म विभूषण सम्मान से नवाजा था। मीडिया दिग्गज चेरुकुरी रामोजी राव का दक्षिण भारतीय फिल्म इंडस्ट्री पर काफी प्रभाव पड़ा है।

एक शहर में देशभर के 108 मंदिरों की प्रतिकृति !
आज से करीब सात साल पहले 2015 में रामोजी राव ने अब तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के बाहरी इलाके में ओम आध्यात्मिक शहर बनाने की योजना का ऐलान किया था। रामोजी फिल्म सिटी के करीब बनने वाले इस शहर में देश भर के 108 मंदिरों की प्रतिकृतियां बनाने की योजना है। यह भी दिलचस्प है कि रामोजी राव फिल्म प्रोड्यूसर के रूप में भी जाने जाते हैं। दुनिया की सबसे बड़ी फिल्म सिटी- रामोजी राव फिल्म सिटी भी इनकी ही कल्पना की उपज है।

पत्रकारिता को समर्पित व्यक्तित्व
रामोजी राव किन क्षेत्रों में सक्रिय हैं, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 86 साल की आयु में भी ये वयोवृद्ध हस्ती रामोजी ग्रुप ऑफ कंपनिज के अलावा युवाओं पर केंद्रित ईटीवी भारत मोबाइल एप्लिकेशन की परिकल्पना को साकार कर रही है। रामोजी राव तेलुगु टेलीविजन इंडस्ट्री में ईटीवी नेटवर्क और पत्रकारिता में खास मुकाम रखने वाले अखबार ईनाडु के मालिक भी हैं।

धन की शोभा दान ! कोरोना महामारी में उदारता दिखाई
रामोजी राव ने अपने करियर की शुरुआत खेती और किसानों पर आधारित एक पत्रिका से की थी। 2020 में जब पूरी मानवता कोरोना वायरस जैसी महामारी के कठिन दौर का सामना कर रही थी, रामोजी राव ने COVID-19 रिलीफ के लिए तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्रियों के राहत कोष में 10 करोड़ रुपये का दान दिया। इसके अलावा वे बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों के पुनर्वास के लिए भी सक्रिय रहे हैं। इन प्रकल्पों के कारण इनकी छवि चैरिटी की भी है।

86 साल में भी दिल तो बच्चा है जी !
रामोजी राव भले दी दशकों का अनुभव रखते हैं, लेकिन इनके मन में अभी भी बालसुलभ जिज्ञासा का अनुभव किया जा सकता है। इसी का नतीजा है कि किसानों के लिए पत्रकारिता की शुरुआत करने वाले रामोजी राव ने युवाओं की नब्ज पकड़ी और न्यूज वर्ल्ड में 13 भाषाओं वाले अत्याधुनिक मोबाइल एप्लिकेशन- ईटीवी भारत की शुरुआत की। उनकी प्रतिभा के मुरीद खुद देश के गृह मंत्री अमित शाह भी हैं। गत अगस्त में रामोजी से मुलाकात के बाद गृह मंत्री ने तस्वीरों के साथ ट्वीट कर लिखा था कि रामोजी राव की जीवन यात्रा फिल्म उद्योग और मीडिया से जुड़े लाखों लोगों के लिए अविश्वसनीय और प्रेरणादायक है।
नीचे देखें अमित शाह का ट्वीट--

टैलेंट को पहचानने की महारत
आंध्र प्रदेश के विभाजन के बाद भले ही रामोजी राव का पता तेलंगाना राज्य से जुड़ गया हो, लेकिन इससे पहले के भी कई रोचक फैक्ट्स हैं, जिनसे रामोजी के व्यक्तित्व का अंदाजा होता है। टैलैंट को परखने की इनकी काबिलियत की मिसाल इस बात से मिलती है जिसमें द इंडियन एक्सप्रेस ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि मशहूर अभिनेत्री और नृत्यांगना सुधा चंद्रन के प्रोस्थेटिक लेग (कृत्रिम अंग) के कारण उनकी अनूठी फिल्में बनाने की इच्छा बढ़ी। उन्होंने सुधा चंद्रन की लाइफ पर मूवी प्रोड्यूस की। फिल्म में सुधा चंद्रन ने खुद अभिनय किया, जिसका उनके उनके करियर पर बहुत सकारात्मक प्रभाव पड़ा।












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