पद्म श्री से सम्मानित सामाजिक कार्यकर्ता शांति देवी का 88 साल की उम्र में निधन, पीएम मोदी ने जताया शोक
पद्म श्री से सम्मानित सामाजिक कार्यकर्ता शांति देवी का 88 साल की उम्र में निधन, पीएम मोदी ने जताया शोक
नई दिल्ली, 17 जनवरी: सामाजिक कार्यकर्ता और पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित शांति देवी का कल रात (16 जनवरी) ओडिशा के रायगडा जिले के गुनुपुर में उनके आवास पर निधन हो गया। वह 88 साल की थीं। ओडिशा की जानी-मानी सामाजिक कार्यकर्ता शांति देवी के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर शोक व्यक्त किया है। जानकारी के मुताबिक बीती रात शांति देवी को सीने में दर्द हुआ और वह बेहोश हो गईं, जिसके बाद उन्हें तुरंत जिला मुख्यालय अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

शांति देवी को मिले हैं कई पुरस्कार
शांति देवी को हाल ही में तत्कालीन अविभाजित कोरापुट जिले में आदिवासी लड़कियों और महिलाओं के उत्थान के लिए उनके अमूल्य योगदान के लिए भारत के तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान, पद्म श्री से सम्मानित किया गया था। पद्म श्री के अलावा, शांति देवी को जमुनालाल बजाज पुरस्कार और राधानाथ रथ शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
पीएम मोदी ने जताया शोक
पीएम नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा, ''शांति देवी जी को गरीबों और वंचितों की आवाज के रूप में याद किया जाएगा। उन्होंने दुखों को दूर करने और एक स्वस्थ और न्यायपूर्ण समाज बनाने के लिए निस्वार्थ भाव से काम किया। उनके निधन से आहत हूं। मेरे विचार उनके परिवार और अनगिनत प्रशंसकों के साथ हैं। शांति।''
Social worker & Padma Shri awardee Shanti Devi passed away last night at her residence in Gunupur, Rayagada district of Odisha
— ANI (@ANI) January 17, 2022
(file pic) pic.twitter.com/wI6scYOC5i
शांति देवी के निधन की खबर आने के बाद लोगों में शोक की लहर है। एम. वेंकैया नायडू ने शोक जताते हुए कहा, "प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता, श्रीमती शांति देवी जी के निधन से दुखी हूं। उन्हें शिक्षा के माध्यम से आदिवासी लड़कियों के सशक्तिकरण के लिए उनके अथक प्रयासों के लिए याद किया जाएगा। उनके परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदना है। ओम शांति!"
सीएम नवीन पटनायक ने लिखा, ''पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित और सामाजिक कार्यकर्ता शांति देवी के निधन के बारे में जानकर गहरा दुख हुआ। असहाय और आदिवासियों की मदद के लिए उनका आजीवन प्रयास हमेशा प्रेरणादायी रहेगा। सामाजिक कार्यों में उनका योगदान अमूल्य है। मैं शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूं और उनके अच्छे होने की कामना करता हूं।''












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