मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित कराने की कोशिश दस साल से चल रही, फिल्म का आखिरी सीन ही ना दिखाएं मोदी: चिदंबरम
नई दिल्ली। मसूद अजहर के वैश्विक आतंकी घोषित होने पर कांग्रेस नेता पी चिदबंरम ने कहा है कि ये सिर्फ मौजूदा सरकार की वजह से नहीं हुआ है, बल्कि इसको लेकर पूर्व की यूपीए सरकार ने शुरुआत की थी। पूर्व केंद्रीय मंत्री चिंदंबरम ने कहा कि मसूद को संयुक्त राष्ट्र की वैश्विक आतंकियों की लिस्ट में शामिल कराने की कोशिश भारत सरकार ने दस साल पहले शुरू की थी लेकिन मोदी इस पर अपनी ही पीठ थपथपा रहे हैं। वो फिल्म के सिर्फ आखिरी सीन की बात कर रहे हैं। मोदी और भाजपा नेताओं के मसूद पर कार्रवाई को मौजूदा सरकार की बड़ी कामयाबी बताए जाने पर चिदंबरम ने ये बात कही है।

चिदंबरम ने कहा, हमने सरकार में रहते 2009 में मसूद को ग्लोबल टेररिस्ट घोषित कराने की कोशिश शुरू की, दस साल बाद इसमें कामयाबी मिली है। नरेंद्र मोदी फिल्म के आखिरी सीन की बात कर अपनी वाहवाही कर रहे हैं, फिल्म में सिर्फ आखिरी सीन नहीं है। फिल्म तो लंबी चली है और उसके शुरूआती सीन भी तो देखिए।
चिदंबरम ने कहा, हाफिज सईद का नाम वैश्विक आतंकियों की लिस्ट में किसने शामिल कराया, आप लखवी को भूल गए? दो लोगों को कांग्रेस की सरकार के समय ग्लोबल टेररिस्ट घोषित कराया गया। मसूद अजहर कोई पहला नाम नहीं है, मोदी इसको लेकर अपनी पीठ आप ही ना थपथपाएं।
जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र ने एक मई को वैश्विक आतंकी घोषित कर दिया है। मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1267 के तहत वैश्विक आतंकवादी के रूप में नामित किया गया है। भारत इसके लिए काफी समय से कोशिश कर रहा था लेकिन चीन के रुख की वजह ये कामयाबी नहीं मिल पा रही थी। चीन ने टेक्नीकल होल्ड हटाया तो मसूद के वैश्विक आतंकी घोषित होने का रास्ता साफ हो गया।
मसूद पर कार्रवाई को भाजपा नेताओं ने मौजूदा सरकार और पीएम नरेंद्र मोदी की बड़ी कामयाबी कहा है। मोदी ने इस कार्रवाई के तुरंत बाद एक चुनावी रैली में कहा कि ये नया भारत है, 130 करोड़ जनता की बात विश्व में सुनी जा रही है। संयुक्त राष्ट्र में जो कुछ भी हुआ उस पर यही कहा जा सकता है कि देर आए दुरूस्त आए।
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